पहाड़ों में हो रहा भूस्खलन, फट रहे बादल, मैदानी राज्यों में बाढ़ से हाल-बेहाल
Today Weather Update (आज समाज), नई दिल्ली : इस बार मॉनसून एक बड़ी प्राकृतिक आपदा बनकर बरस रहा है। एक तरफ जहां पहाड़ों में बादल फटने और भूस्खलन का क्रम जारी है वहीं पहाड़ों से आने वाले पानी ने मैदानी राज्यों विशेषकर पंजाब, हरियाणा और यूपी में बाढ़ के हालात गंभीर कर दिए हैं। पहाड़ों में जहां बागवानों को भारती मात्रा में नुकसान उठाना पड़ रहा है तो वहीं मैदानी एरिया में किसान इससे जूझ रहे हैं। लाखों एकड़ फसल खराब हो चुकी है और हजारों एकड़ भूमि कटाव के कारण समाप्त हो चुकी है।
पिछले 24 घंटे में यह रही स्थिति
पिछले 24 घंटे की बात करें तो पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और पहाड़ दरकने की घटनाएं सामने आई। इसके साथ ही इन तीनों राज्यों में बादल फटने से बाढ़ भी आई। उत्तराखंड के धारचूला में भारी बारिश के बाद चीन सीमा से जोड़ने वाले तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर ऐलागाड़ और कुलागाड़ के पास पहाड़ी दरक गई। इसकी वजह से दारमा, चौदास और व्यास तीनों घाटियों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। जम्मू संभाग में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश और भूस्खलन आॅरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
तवाघाट-सोबला सड़क पर सुवा झूला पुल के पास बोल्डर गिरने से यातायात बाधित हो गया है। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया सड़कों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। मौसम खराब होने के चलते इस कार्य में दिक्कत आ रही है। जम्मू-कश्मीर में मौसम विभाग ने अब 2 सितंबर तक भारी बारिश के साथ भूस्खलन होने का भी खतरा जताया है। वहीं हिमाचल में पांच जगह बादल फटने से भारी तबाही मची।
भारी बारिश का अलर्ट जारी
एक तरफ जहां पहाड़ी राज्यों का हाल बेहाल है वहीं मौसम विभाग ने पंजाब, राजस्थान, यूपी समेत सात राज्यों में 2 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश जारी रहने के आसार है। जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इन राज्यों में हालात और भी ज्यादा बिगड़ जाएंगे।
पंजाब के आठ जिले पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आए
पंजाब में बाढ़ की चपेट में आने वाले जिलों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। इससे अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, कपूरथला, होशियारपुर, फिरोजपुर और फाजिल्का अब तक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। अब पटियाला और मानसा में भी पानी का असर दिखने लगा है। घग्गर नदी के ओवरफ्लो से कई गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं, जबकि सतलुज और रावी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश के 1000 गांव प्रभावित हो चुके हैं।
पहाड़ों से बहकर आया पानी मैदानों में हुआ जमा
ज्ञात रहे कि पंजाब में मौजूदा बाढ़ के पीछे हिमाचल में हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटनाएं हैं। यहां हुई बारिश के चलते पंजाब के सभी डैम खतरे के निशान से ऊपर चले गए जिसके बाद बांध प्रबंधन को बांध बचाने के लिए फ्ल्ड गेट खोलने पड़े जिससे पानी भारी मात्रा में बहकर पंजाब की नदियों और नहरों में आ गया। जब पानी क्षमता से ज्यादा हुआ तो वह आसपास के एरिया से होता हुआ प्रदेश के आठ जिलों में कई-कई फीट भर गया।
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