Sonam Wangchuk Medical Bulletin issued : पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उनका मेडिकल बुलेटिन जारी किया है। मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया है कि उनका पल्स, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन सैचुरेशन स्थिर है। उनमें डिहाइड्रेशन के लक्षण हैं। ठोस खाना न खाने और आम कमजोरी की वजह से उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मेडिकल बुलेटिन में अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने कहा कि सोनम वांगचुक के ब्लड गैस एनालिसिस में कंपेंसेटेड एसिडोसिस का पता चला है, जिसमें सीरम पोटैशियम कम हो गया था। साथ ही, ब्लड शुगर 78 mg/dl था। दोबारा सीरम पोटैशियम भी ऐसा ही था। भर्ती होने के समय यूरिनरी कीटोन्स 1+ थे, जो दोपहर 1:00 बजे तक बढ़कर 3+ हो गए। हालांकि उन्हें इंट्रावीनस फ्लूइड्स की सलाह दी गई थी, लेकिन वांगचुक ने सभी इंट्रावीनस फ्लूइड्स, ओरल रिहाइड्रेशन फ्लूइड या कोई दूसरी दवा लेने से मना कर दिया। उनकी सेहत के लिए उन पर लगातार नजर रखी जा रही है और काउंसलिंग दी जा रही है।
#WATCH | Delhi: Activist Sonam Wangchuk, who was sitting on a hunger strike from last 20 days at Jantar Mantar, taken to the hospital by the police.
More details awaited. pic.twitter.com/81DTO3cyh4
— ANI (@ANI) July 18, 2026
दिल्ली पुलिस शनिवार सुबह सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई। उनकी तबीयत बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने यह कार्रवाई की। वांगचुक को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस कार्रवाई के दौरान जंतर-मंतर पर काफी हंगामा हो गया। प्रोटेस्ट में शामिल कई लोग पुलिस से भिड़ गए और नारेबाजी की। कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मारपीट और बदसलूकी का भी आरोप लगाया है। अब दिल्ली पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर खाली करने का आदेश जारी किया है। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात है। सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी और इस पर हाईकोर्ट ने भी चिंता जताई थी।
पिछले कुछ दिनों से जंतर-मंतर पर कई बड़े नेताओं की मौजूदगी भी देखी गई, जिनमें दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, सपा सांसद डिंपल यादव और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा जैसे नाम शामिल हैं। इससे पहले भी कई पार्टियों के तमाम नेता जंतर-मंतर पर जाकर वांगचुक से मुलाकात कर चुके हैं। यह प्रदर्शन धीरे-धीरे व्यापक होता जा रहा था और वांगचुक की हालत लगातार बिगड़ रही थी। इसी को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को वांगचुक की सेहत की निगरानी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई देखने को मिली।


