पानी छीनने के लिए सभी तैयार थे, अब कोई मदद के लिए आगे नहीं आ रहा : गोयल
Punjab Breaking News (आज समाज), चंडीगढ़/फाजिल्का। पहाड़ों और डैमों से आ रहा पानी पंजाब के गांवों और शहरों में तबाही मचा रहा है। हालात यह है कि सेना और अर्द्ध सैनिक बलों के साथ-साथ अन्य बचाव दल लगाए जाने के बाद भी स्थिति से निपटना मुश्किल साबित हो रहा है। इस सबके बीच बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल भावुक हो गए और उन्होंने पड़ौसी राज्यों सहित केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। कैबिनेट मंत्री कहा कि कुछ महीने पहले जब पंजाब से पानी छीनना था तो केंद्र सरकार सारे नियम-कानून ताक पर रखकर पंजाब का पानी लूटने पर उतारू था, लेकिन अब जब पंजाब को मदद की जरूरत है तो कोई भी आगे नहीं आ रहा।
अपना फर्ज निभाने से कतरा रही केंद्र सरकार
कावांवाली पत्तन पर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा करते समय कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि देश के लिए अनाज पैदा करने वाले पंजाब में आई बाढ़ की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार का फर्ज बनता है कि वह बिना मांगे पंजाब को राहत पैकेज दें। उन्होंने कहा कि जो लोग पंजाब का पानी इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी इस मुश्किल घड़ी में पंजाब की मदद के लिए आगे आना चाहिए था।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पहाड़ों और पंजाब में हुई बारिश के कारण इस बार बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, लेकिन फिर भी पंजाब सरकार लोगों को तुरंत हर संभव मदद पहुंचा रही है और सभी विभागों की टीमें फील्ड में हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनकी कैबिनेट के सभी मंत्री व विधायक लगातार जनता के बीच पहुंच रहे हैं और राहत कार्यों को लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
सरकार पहले ही दे चुकी विशेष गिरदावरी के आदेश
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने तो अपना हेलीकाप्टर भी राहत कार्यों के लिए लगा दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही विशेष गिरदावरी के आदेश दे चुके हैं और हुए नुकसान की भरपाई मुआवजा देकर की जाएगी। उन्होंने कहा कि राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं और प्रभावित लोगों को पानी वाले इलाकों से निकालकर राहत शिविरों में भेजा जा रहा है, जहां लोगों को खाने-पीने और रहने की सारी सुविधा पंजाब सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित गाँवों में हरे चारे और भूसे की कमी को देखते हुए पूरे पंजाब के लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। गोयल ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमों के अलावा सेना भी जिला प्रशासन की मदद कर रही है और आज भी 100 से अधिक लोगों को किश्तियों के माध्यम से बाहर निकाला गया है। जिले में सात राहत शिविर चल रहे हैं।
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