Trump changes stance on Iran: ईरान पर महीनों बमबारी के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्र्ंप का रुख बदलता दिख रहा है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान को समझौते के लिए मनाने के लिए वॉशिंगटन नए सैन्य हमलों के बजाय आर्थिक दबाव का सहारा ले रहा है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से लागू अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी ने इस दबाव को और बढ़ा दिया है।
सिर्फ आंशिक बातचीत कर रहा यूएस
ट्रंप ने रविवार को Axios को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “हम इस मामले में संयम बरत रहे हैं।” उन्होंने महीनों के टकराव के बाद ज्यादा सावधानी भरा रुख अपनाने की बात कही और कहा कि वॉशिंगटन तेहरान के साथ ‘सिर्फ आंशिक बातचीत’ कर रहा है। साथ ही इस बात पर भी नजर रख रहा है कि युद्ध का ईरान की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है।
ईरान की हालत खराब
उन्होंने कहा कि ईरान की आर्थिक हालत ‘बहुत खराब’ है। उन्होंने इसके लिए ज्यादा महंगाई और अपनी सेना को पैसे देने में आ रही दिक्कतों का जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि अप्रैल से लागू अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी ने इस दबाव को और बढ़ा दिया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि तेल की गिरती कीमतों ने अमेरिकी ग्राहकों पर पड़ने वाले आर्थिक असर को कम किया है। उन्होंने कहा, “सब ठीक हो जाएगा। हमेशा सब ठीक हो जाता है। यह शतरंज के खेल जैसा है।”
होर्मुज स्ट्रेट पर बन रही बात
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ओमान की मध्यस्थता में होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलने को लेकर बातचीत किसी नतीजे के करीब पहुंचती दिख रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस महीने कहा था कि बातचीत अपने ‘आखिरी’ दौर में है और दोनों पक्ष इस स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले नए शिपिंग रूट के लिए जरूरी कोऑर्डिनेट्स पर समझौते के करीब हैं।
अमेरिकी रुख से खफा ईरान
तेहरान ने जोर देकर कहा है कि वह इस जलमार्ग को तब तक पूरी तरह से नहीं खोलेगा जब तक अमेरिका अपना ‘व्यवहार नहीं सुधारता।’ इस सुधार में नौसैनिक नाकेबंदी को हटाना, सैन्य कार्रवाई रोकना और युद्ध से हुए नुकसान का हर्जाना देना जैसी मांगें शामिल हैं।


