Punjab Weather News : बारिश के कमी से जूझ रहे पंजाब को राहत की ज्यादा उम्मीद नहीं

0
34
बारिश के कमी से जूझ रहे पंजाब में मानसून सक्रिय तो हैं लेकिन बरस नहीं रहे। इतना ही नहीं इस बार मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में दो तरह से मानसून एक्टिव रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है जबकि अधिकांश जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।
Punjab Weather News : बारिश के कमी से जूझ रहे पंजाब को राहत की ज्यादा उम्मीद नहीं
Punjab Weather News : बारिश के कमी से जूझ रहे पंजाब को राहत की ज्यादा उम्मीद नहीं

प्रदेश में छिटपुट बारिश का दौर रहेगा जारी, अच्छी बारिश का इंतजार बाकी

Punjab Weather News (आज समाज), चंडीगढ़ : वर्तमान मानसून सीजन के दौरान उत्तर भारत के अन्य राज्यों की तरह ही पंजाब में भी बारिश की कमी दर्ज की जा रही है। 3 अगस्त 2026 तक हालांकि मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार मानसून पूरी तरह से सक्रिय है लेकिन बारिश ज्यादा खुलकर नहीं बरस रही। मौसम विभाग के आंकड़ों की बात करें तो अभी तक पंजाब में सामान्य से करीब 34 से 38 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। यही कारण है कि प्रदेश के किसानों को खरीफ की मुख्य फसल धान की सिंचाई करने के लिए काफी ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है।

आज इस तरह रहेगा प्रदेश का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है, साथ ही हवा में नमी अधिक होने के कारण उमस बनी रहेगी। वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर जैसे उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश या तीव्र गतिविधि का अनुमान जताया है। शेष पंजाब में हल्के से मध्यम बादल और गरज के साथ रुक-रुक कर बारिश हो सकती है।

प्रदेश में इस साल तो तरह का मानसून एक्टिव

चालू मानसून सीजन के दौरान पंजाब में औसतन 34% से 38% तक कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य के कई जिलों में बारिश की स्थिति बेहद असमान रही है, जहां कुछ इलाकों में सूखा और अधिक कमी है। राज्य में कुल मिलाकर लगभग 34% से 38% वर्षा की कमी दर्ज की गई है। प्रदेश के फतेहगढ़ साहिब, मुक्तसर, होशियारपुर, बरनाला, मानसा और पटियाला में सामान्य से 48% से 71% तक कम बारिश हुई है।

इन जिलों में लगभग सूखे की स्थिति बनी हुई है। पानी और बारिश के अभाव में फसलें सूखने के कगार पर हैं। दूसरी तरफ प्रदेश के गुरदासपुर, फरीदकोट, अमृतसर और पठानकोट जैसे कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश भी दर्ज की गई है।