Radha Ashtami Bhog: राधा अष्टमी पर लाडली जू को प्रसन्न करने के लिए अर्पित करें ये प्रिय भोग

0
134
Radha Ashtami Bhog: राधा अष्टमी पर लाडली जू को प्रसन्न करने के लिए अर्पित करें ये प्रिय भोग
Radha Ashtami Bhog: राधा अष्टमी पर लाडली जू को प्रसन्न करने के लिए अर्पित करें ये प्रिय भोग

राधा रानी को भोग लगाकर उनका आशीर्वाद पाते हैं भक्तगण
Radha Ashtami Bhog, (आज समाज), नई दिल्ली: राधा अष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का प्रतीक है। इस दिन भक्तगण राधा रानी को भोग लगाकर उनका आशीर्वाद पाते हैं। राधा अष्टमी का भोग बिना लहसुन-प्याज और तैलीय मसालों के तैयार किया जाता है, ताकि उसकी पवित्रता और सात्विकता बनी रहे। इस दिन बने व्यंजन स्वाद में हल्के लेकिन भक्ति भाव में गहरे होते हैं।

इस मौके पर परिवार के सभी सदस्य मिलकर पूजा की तैयारियां करते हैं और मिलजुलकर भोग बनाते हैं, जिससे घर में सकारात्मकता और ऊर्जा का वातावरण बनता है। मंदिरों में घंटों तक भजन-कीर्तन चलता है और भक्त राधा-कृष्ण के जयकारे लगाते हैं। तो चलिए जानते हैं कि घर पर कौन-कौन सी रेसिपी बनाकर उन्हें भोग लगाया जा सकता है।

मालपुआ

राधा अष्टमी के मौके पर चाशनी में भीगे सुनहरे और कुरकुरे मालपुए उन्हें प्रेमपूर्वक अर्पित करें। माना जाता है कि ये मिठाई राधा रानी जी की सबसे प्रिय व्यंजनों में से एक है।

दही अरबी

राधा अष्टमी के मौके पर ब्रजधाम में राधा रानी जो को विशेष रूप से दही अरबी का भोग लगाया जाता है। उबली हुई अरबी को मसालेदार दही में उबालकर लाडली जू का प्रिय व्यंजन तैयार किया जाता है।

खीर

राधा अष्टमी के मौके पर लाडली जू को भोग में चावल, दूध और चीनी मिलाकर मलाईदार खीर बनाएं. इसके साथ ही इसमें सूखे मेवे भी डालें।

मक्खन

श्री कृष्ण की ही तरह राधा रानी को भी माखन काफी प्रिय है. इस राधा अष्टमी राधा रानी को मक्खन का भोग लगाना भी शुभ होगा।

पंचामृत

दूध, दही, शहद, घी और चीनी के मिश्रण से पंचामृत को तैयार कर राधा रानी को अर्पित करें। भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के रूप में लोगों को बांटें।

फल और सात्त्विक भोग

इस राधा अष्टमी लाडली जू को प्रसन्न करने के लिए भोग में फल और पौष्टिक सात्विक भोजन की थाली भी अर्पित करें। प्रत्येक भोग को भक्ति और श्रद्धा भाव के साथ तैयार करें।

दोपहर के समय करें राधा रानी की पूजा

अब राधा रानी को फूल, माला, रोली, चंदन, इत्र, सिंदूर, फल, मिठाई और अक्षत (चावल) अर्पित करें। यह सब षोडशोपचार पूजन का हिस्सा है।राधा अष्टमी की पूजा दोपहर के समय करना सबसे शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा-अर्चना करने का शुभ समय सुबह 11 बजकर 05 मिनट 01 बजकर 38 मिनट तक है।

इस समय राधा रानी की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होती है।पूजा के बाद प्रसाद बांटें और अगले दिन ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन कराएं। विवाहित महिलाओं को भी भोजन और वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है।

ये भी पढ़ें: जानें राधा अष्टमी पर किन-किन जगहों पर जलाएं दीपक, घर में आएंगी सुख-समृद्धि

ये भी पढ़ें: आज मनाई जाएगी राधा अष्टमी, जाने पूजा विधि