कहा, हॉर्मुज स्ट्रेट न खुलने पर भी हम युद्ध समाप्त करने को तैयार
US-Iran War Live Update (आज समाज), वॉशिंगटन : अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 32वां दिन हैं। एक तरफ जहां अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों से ईरान को व्यापक नुकसान पहुंचा है तो वहीं अब ईरान ने हमले तेज कर दिए है। ईरान अब इजरायल के डिफेंस को भी छका रहा है और अमेरिका के खाड़ी देशों में स्थिति सैन्य अड्डों पर भी तेजी से हमले कर रहा है।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार हैं, भले ही होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह न खुले। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रम्प और उनके सलाहकारों ने हाल के दिनों में रणनीति पर दोबारा विचार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट को जबरन खुलवाने की कोशिश युद्ध को लंबा खींच सकती है। इसलिए अब बिना इसे पूरी तरह खुलवाए भी युद्ध समाप्त करने का विकल्प देखा जा रहा है।
इस योजना पर काम कर रहा अमेरिका
अमेरिका की योजना पहले ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमता को कमजोर करने जैसे सैन्य टारगेट को हासिल करने की है। इसके बाद कूटनीतिक दबाव के जरिए ईरान को व्यापार बहाल करने के लिए मजबूर किया जाएगा। इस रणनीति के तहत अमेरिका यूरोप और खाड़ी देशों को आगे कर ईरान पर दबाव बनाने की भी तैयारी कर रहा है।
ईरान का इजरायली रिफाइनरी पर हमला
लेबनान के ईरान समर्थक उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने इजरायल के उत्तरी शहर हाइफा में आॅयल रिफाइनरी पर ईरानी मिसाइल से हमला किया। हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में एक पेट्रोल टैंक में आग लग गई, जिससे इलाके में घना धुआं फैल गया। अभी तक यह साफ नहीं है कि आग मिसाइल हमले से लगी या इंटरसेप्ट किए गए मलबे के कारण। एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों की खिड़कियां बंद रखने और बाहर न निकलने की सलाह दी थी।
फारस की खाड़ी में फंसे भारत के 18 जहाज
ईरान जंग के बीच फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज और 485 भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि ये सभी सुरक्षित हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब से कहा है कि वह अपने देश से अमेरिकी सेना को बाहर करे। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान के हमले केवल उसके दुश्मनों को निशाना बनाते हैं। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान सऊदी अरब का सम्मान करता है और उसे एक भाई देश मानता है। हमारी कार्रवाई उन दुश्मन हमलावरों के खिलाफ है, जो न अरबों का सम्मान करते हैं और न ईरानियों का। अब समय आ गया है कि अमेरिकी बलों को बाहर निकाला जाए।
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