Jammu-Kashmir Breaking: रामबन जिले में बादल फटा, 4 लोगों की मौत, रियासी में भूस्खलन से गई सात लोगों की जान

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Jammu-Kashmir Breaking: रामबन में बादल फटा, 3 लोगों की मौत, रियासी में भूस्खलन से गई 7 लोगों की जान
  • वैष्णो देवी लैंडस्लाइड में अब तक 34 लोगों की मौत
  • रियासी में मरने वाले सातों लोग एक ही परिवार के 

Ramban Cloudburst live (आज समाज), श्रीनगर:जम्मू-कश्मीर में मानसून की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार यानि आज जम्मू-कश्मीर के बड़े हिस्से में लगातार बारिश के कारण हुए ताज़ा भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और कई लापता हो गए। रियासी जिले में भूस्खलन हुआ है और इस घटना में एक ही परिवार के 7 लोगों के जाने जाने की सूचना है। वहीं रामबन जिले में अब बादल फटा है और इसमें 4 लोगों की मौत हो गई है। 

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रामबन : बादल फटने के बाद 4 लोग लापता 

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रामबन में राजगढ़ तहसील के ऊपरी इलाकों में हुई बादल फटने की घटना की पुष्टि की और कहा कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने रामबन के डीसी मोहम्मद अलयास खान से जानकारी लेने के बाद घटना की पुष्टि की। जितेंद्र सिंह बताया कि बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ में 4 लोगों की जान चली गई और 4 अन्य लापता हो गए।

तेज़ पानी ने कई घरों को बहा दिया

अधिकारियों के अनुसार, तेज़ पानी ने कई घरों को बहा दिया, कई ढाँचों को क्षतिग्रस्त कर दिया और कुछ पूरी तरह बह गए। बचाव और राहत कार्य जारी है। जितेंद्र सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा, कोई घायल नहीं हुआ है।  बचाव अभियान जारी है और पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है बता दें कि रामबन श्रीनगर से लगभग 136 किलोमीटर दूर स्थित है।

रियासी : भूस्खलन से घर ढहने से हुआ हादसा  

अधिकारियों के अनुसार रियासी ज़िले में यानि बीते कल तड़के भूस्खलन के कारण एक घर ढह जाने से एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई। शनिवार सुबह कच्चे घर के मलबे से पांच बच्चों समेत सभी सात सदस्यों के शव निकाले गए। बच्चे चार से 12 वर्ष की उम्र के थे।  

किश्तवाड़, कठुआ व डोडा में भी फट चुका है बादल

गौरतलब है कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने की सबसे बड़ी घटना हो चुकी है और इसमें करीब 70 लोग काल का ग्रास बन गए हैं। इसके बाद कठुआ और डोडा में बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। इसी सप्ताह के शुरू में वष्णो देवी में भूस्खलन के कारण 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। भारी बारिश के बीच अर्धकुंवारी के पास लैंडस्लाइड हुआ था और वर्षालय में घड़े लोगों मलबे की चपेट में आ गए थे। कुछ लोगा लापता बताए गए हैं।

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