डेंगू रोकने के लिए QDENGA वैक्सिन को मंजूरी, जानें कितना प्रभावी, किसे लेना होगा

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केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने टाकेडा के ‘क्यूडेंगा (TAK-003)’ वैक्सिन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही इस डेंगू से निपटने के लिए देश को पहला टीका मिल गया है।

QDENGA Dengue vaccine approved : भारत में हर साल डेंगू की वजह से हजारों लोगों की मौतों को रोकने के लिए इसके टीके को देश में इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने टाकेडा के ‘क्यूडेंगा (TAK-003)’ वैक्सिन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही इस डेंगू से निपटने के लिए देश को पहला टीका मिल गया है। इससे पिछले दो दशकों में बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन, मच्छरों के हैबिटेट में बदलाव होने और जनसंख्या वृद्धि की वजह से बढ़ते डेंगू के मामलों को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी।

क्या है क्यूडेंगा वैक्सिन

क्यूडेंगा (TAK-003) एक लाइव, एटेन्यूएटेड टेट्रावेलेंट डेंगू वैक्सीन है जिसे जापानी फार्मास्युटिकल कंपनी Takeda ने बनाया है। इसे डेंगू वायरस के सभी चार सीरोटाइप के खिलाफ इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बनाया गया है, ताकि लक्षणों वाले डेंगू और गंभीर बीमारी का खतरा कम हो सके, जिसमें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है।

कितनी होगी डोज

यह वैक्सीन तीन महीने के अंतराल पर दो डोज में दी जाती है। इसे सबक्यूटेनियस इंजेक्शन के जरिए दिया जाता है। WHO ने डेंगू के ज्यादा प्रसार वाले देशों में डेंगू को कंट्रोल करने की व्यापक रणनीति के तौर पर इसके इस्तेमाल की सलाह दी है।

भारत के लिए क्यों अहम यह मंजूरी

दुनियाभर में डेंगू के जितने भी मामले सामने आते हैं उनमें एक तिहाई हिस्सेदारी भारत की है। पिछले दो दशकों में डेंगू के मामलों में 11 गुने की बढ़ोतरी हुई है। मॉनसून और उसके ठीक बाद इसके सर्वाधिक मामले सामने आते हैं, जिससे अस्पतालों पर दबाव बढ़ जाता है।

फिलहाल भारत डेंगू से निपटने के लिए इन उपायों पर निर्भर है:

  • मच्छरों पर नियंत्रण
  • ब्रीडिंग वाले जगहों को खत्म करना
  • बचाव के लिए व्यक्तिगत उपाय अपनाना
  • जल्द से जल्द निदान
  • इलाज। अब वैक्सिन के आने से इसे पूरी तरह रोकने में काफी मदद मिलेगी।

कौन ले सकता है वैक्सिन?

इसके बारे में फिलहाल कोई ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि CDSCO और टेकेडा लॉन्चिंग के समय इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे। फिलहाल कई देशों में बच्चों और वयस्कों को यह वैक्सिन देने की मंजूरी दी गई है और उन लोगों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, जिन्हें पहले डेंगू हुआ हो या नहीं।

कितना प्रभावी है क्यूडेंगा

डेंगू से प्रभावित आठ देशों के 20,000 से ज्यादा बच्चों ओर किशोरों पर अहम TIDES फेज 3 ट्रायल के दौरान मिले सबूतों में इस वैक्सिन के उत्साहजनक नतीजे मिले।

कितनी होगी कीमत?

आधिकारिक तौर पर इसकी कीमतों की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, कीमत कई कारकों के हिसाब से तय होंगे।

सबको लेनी होगी वैक्सिन?

यह जरूरी नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सिफारिश के मुताबिक, डेंगू वैक्सिनेशन एकीकृत रणनीति के तौर पर लाया जाएगा, जिनमें ये शामिल हैं:

  • मच्छर नियंत्रण
  • लोगों के बीच जागरूकता फैलाना
  • जल्द से जल्द निदान
  • स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंच बनाना
  • निगरानी