Krishan Lal Panwar : गीता किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए मार्गदर्शन का शाश्वत स्रोत

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Krishan Lal Panwar : गीता किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए मार्गदर्शन का शाश्वत स्रोत
Krishan Lal Panwar : गीता किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए मार्गदर्शन का शाश्वत स्रोत
  • गीता जयंती महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, दिखाई दिया आध्यात्मिकता का अद्भुत समागम
  • धर्म, संस्कृति और कर्मयोग का संदेश, गूंजे श्रीकृष्ण के अमर उपदेश
  • 5 हजार वर्ष पुरानी गीता का ज्ञान आज भी प्रासंगिक, जिला स्तरीय महोत्सव में दिखा खास उत्साह
  • अंतरराष्ट्रीय पहचान के साथ महोत्सव में झलकी भारतीय संस्कृति की दिव्यता

Krishan Lal Panwar, (आज समाज), पानीपत : आर्य महाविद्यालय प्रांगण रविवार को श्रद्धा, संस्कृति और अध्यात्म के विराट संगम का साक्षी बना, जब जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव के तीसरे दिन शहरवासियों और स्कूली बच्चों का भारी जनसमूह उमड़ पड़ा। जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित इस भव्य उत्सव ने पानीपत को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया। बांसुरी, नगाड़ों और भक्ति संगीत की गूंज ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा सरकार के पंचायत एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार का उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने स्वागत किया। मंच पर कैबिनेट मंत्री मनोहर लाल के प्रतिनिधि गजेन्द्र सलूजा, संत-महात्मा, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

Krishan Lal Panwar : गीता किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए मार्गदर्शन का शाश्वत स्रोत

गीता का संदेश किसी युग, समय या परिस्थिति का मोहताज नहीं

हरियाणा सरकार में पंचायत एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि गीता का संदेश किसी युग, समय या परिस्थिति का मोहताज नहीं है। यह वह प्रकाश स्तंभ है जो मानवता को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर अर्जुन को दिया गया उपदेश कालजयी है और आज की पीढ़ी यदि गीता के सिद्धांतों को आत्मसात कर ले, तो समाज और राष्ट्र प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। उनके ये शब्द उपस्थित जनसमूह में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार कर गए।

गीता उपदेशों के 5 हजार वर्ष पूर्ण हो चुके

कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि गीता उपदेशों के 5 हजार वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव, जो 2016 में आरंभ हुआ था, आज अपने 10 वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक 21 दिवसीय भव्य आयोजन जारी है। मॉरीशस, लंदन, कनाडा, यूके, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया सहित कई देशों में गीता महोत्सव आयोजित किए जा चुके हैं। इस वर्ष 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र में आयोजित समारोह में भाग लेकर कार्यक्रम को विशिष्टता प्रदान की। इस वर्ष मध्यप्रदेश को सहयोगी राज्य बनाया गया है। उन्होंने कहा कि गीता किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए मार्गदर्शन का शाश्वत स्रोत है।

Krishan Lal Panwar : गीता किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए मार्गदर्शन का शाश्वत स्रोत

गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन का अद्भुत मार्गदर्शक

उपायुक्त डॉ. विरेंदर दहिया ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन का अद्भुत मार्गदर्शक है। निष्काम भाव से कर्म करना, कर्तव्य को सर्वोपरि रखना और निर्णयों में संतुलन बनाए रखना ही सच्चा कर्मयोग है। बढ़ते तनाव के दौर में गीता का ज्ञान पहले से कहीं अधिक आवश्यक है। हमें गीता को केवल पढऩा नहीं, बल्कि उसे अपने आचरण में उतारना चाहिए। आम व्यक्ति ने इस विचारपूर्ण संदेश का गर्मजोशी से स्वागत किया।

कार्यक्रम ने दर्शकों का मन मोह लिया

बांसुरी की मधुर तान और नगाड़ों की ताल ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। मंच से यह प्रेरक संदेश दिया गया की यदि गीता के सिद्धांतों को जीवन के आचरण में उतार लिया जाए, तो विश्व शांति, सद्भाव और समृद्धि की राह तेज़ी से प्रशस्त हो सकती है। कार्यक्रम आध्यात्मिक उमंग, सांस्कृतिक गर्व और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ सुनील बसताडा ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, उपायुक्त डॉक्टर विरेंदर कुमार दहिया और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा का शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

महावीर गुड्डू की सांस्कृतिक प्रस्तुति उपस्थित दर्शकों में जोश भरने का कार्य कर गई

महावीर गुड्डू की सांस्कृतिक व राष्ट्रीयता को दर्शाती प्रस्तुति उपस्थित दर्शकों में जोश भरने का कार्य कर गई। जिला जेल में रविवार को गीता जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एसडीएम मनदीप कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कैदियों को गीता के उपदेशों के माध्यम से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गीता जीवन को नई दिशा देने वाला ग्रंथ है और इसके उपदेश व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

Krishan Lal Panwar : गीता किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए मार्गदर्शन का शाश्वत स्रोत

गीता के संदेशों को अपने दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए

एसडीएम ने कहा कि हर व्यक्ति को गीता के संदेशों को अपने दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए, क्योंकि जीवन हमेशा नया अवसर देने वाला है। कार्यक्रम के दौरान जीओ गीता प्रमुख अनिल मदन, डीपीआरओ डॉ. सुनील बसताडा सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी कैदियों को गीता के महत्व और जीवन में उसके अनुप्रयोग के बारे में प्रेरित किया। इस मौके पर एसडीएम मनदीप कुमार, डीईओ राकेश बूरा, हरिओम तायल, महेंद्र दीक्षित, साहब सिंह रंगा, एडवोकेट संदीप जिंदल, नरेश शैन,दयानंद खुगर, सतीश वत्स, मास्टर, वेद पाराशर मुकेश आदि मौजूद रहे।

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