जानें पत्तागोभी की खेती करने का तरीका
Cabbage Farming, (आज समाज), नई दिल्ली: पत्तागोभी हरे पत्तेदार सब्जी है। इसमें विटमिन ए और सी खनिज जैसे फासफोरस, पोटेशियम, कैल्शियम, सोडियम और लोहा भरपूर मात्रा में होते हैं। इसको कच्ची या पकाकर खाया जा सकता है। भारत में यह सब्जी आमतौर पर सर्दियों में मैदानी इलाकों में उगाई जाती है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक पौधा लगाने के 60-80 दिन तथा देर से तैयार होने वाली किस्म से 100-120 दिन में पत्ता गोभी तैयार हो जाती है। पत्ता गोभी का कच्चे सलाद के तौर पर भी अधिक सेवन करते हैं। किसान इस खरीफ सीजन में पत्ता गोभी की आसान तरीके से खेती कर अच्छा उत्पादन और मुनाफा दोनों कमा सकते हैं।
पत्ता गोभी की खेती के लिए मिट्टी
पत्ता गोभी को वैसे तो हर प्रकार की मिट्टी में उगाया जा सकता है, लेकिन अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी जिसमें नमी धारण करने की अच्छी क्षमता हो, वहां पर पत्ता गोभी का उत्पादन बहुत अच्छा होता है. पत्ता गोभी के लिए मिट्टी का पीएच 5.5 से 6.5 के बीच होना जरूरी है।
पत्ता गोभी की उन्नत किस्में
गोल्डन एकर, पूसा मुक्ता, पूसा ड्रमहेड, के-1, प्राइड आॅफ इंडिया, कोपन हेगन, गंगा, पूसा सिंथेटिक, श्रीगणेश गोल, हरियाना, कावेरी, बजरंग,मिड सीजन मार्केट, सितंबर अर्ली, अर्ली ड्रम हेड, लेट लार्ज ड्रम हेड, के-1 आदि पत्ता गोभी की लोकप्रिय किस्में हैं।
पूर्व-खेती
भूमि की जुताई लंबवत और क्षैतिज रूप से करनी चाहिए और गांठों को तोड़कर मिट्टी को साफ करना चाहिए। 20 से 30 टन खाद प्रति हेक्टेयर मिट्टी में डालें। इन सब्जियों की अगेती और पछेती किस्मों की खेती के अनुसार मिट्टी को क्रमश: 45 सेमी और 60 सेमी की दूरी पर समतल करना चाहिए। पत्ता गोभी भी समतल धान में उगाई जाती है। इसके लिए भूमि की ढलान के अनुसार उपयुक्त दूरी पर भाप तैयार करनी चाहिए।
उर्वरक और पानी का उपयोग
गोभी की फसल को 80 किलो एन, 80 किलो पी और 80 किलो किलो बोने से पहले देना चाहिए और 80 किलो एन की दूसरी किस्त रोपण के 1 महीने बाद देना चाहिए. फूलगोभी के लिए 75 किग्रा एन, 75 किग्रा एस और 75 किग्रा के भी दें। 75 किग्रा एन की दूसरी किश्त रोपण के 1 माह बाद डालें।
पत्ता गोभी का सिंचाई और बुवाई का समय
वैसे तो पत्ता गोभी साल भर उगाई जा सकती है, लेकिन जुलाई से अक्टूबर के बीच मैदानी क्षेत्रों में पत्ता गोभी की बुवाई का समय उपयुक्त होता है। रोपाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करनी चाहिए। सर्द मौसम में 10 से 15 दिनों के अंतराल में सिंचाई करनी चाहिए।
कटाई का समय
पत्ता गोभी बुवाई के औसतन 100 दिनों बाद तैयार हो जाती है। पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद बाजार की मांग के हिसाब से कटाई कर सकते हैं। इसे आप चाकू की सहायता से काट सकते हैं। जिसके बाद आकार व वजन के आधार पर छंटाई व ग्रेडिंग की जाती है।
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