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Bangle-Making Furnace : चूड़ी बना रहे कारीगरों की मुश्किल देख तैयार की भट्टी: डॉ. रवि

प्रभजीत सिंह लक्की, यमुनागनर : 
Bangle-Making Furnace : डीएवी गल्र्स कॉलेज के हैरिटेज क्लब व स्पिक मैके के संयुक्त तत्वावधान में ऑन लाइन लेक्चर का आयोजन किया गया। आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. एमआर रवि मुख्य वक्ता रहे। कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. आभा खेतरपाल, संगीत विभाग अध्यक्ष डॉ. नीता द्विवेदी तथा फैशन डिजाइनिंग विभाग अध्यक्ष डोली लांबा ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की अध्यक्षता की। (Bangle-Making Furnace)

प्रतिभागियों को अपने शोध की विस्तार से जानकारी (Bangle-Making Furnace)

डॉ. रवि ने प्रतिभागियों को अपने शोध लाख की चूडिय़ां बनाने के लिए तैयार की गई भट्टी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान चूडिय़ां बनाने वाले कारीगरों के लिए उनकी टीम ने विशेष तरह की भट्टी का निर्माण किया है। चूडी बनाते समय कारीगर जब ताप संबंधी मुश्किलों का सामना करते हैं, उसे देखकर ही भट्टी बनाने का निर्णय लिया गया। भट्टी की खासियत यह है कि चूड़ी बनाते समय कारीगरों को तपिश महसूस नहीं होगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके उपरात उन्होंने प्रतिभागियों की ओर से पूछे गए सभी प्रश्नों का बड़ी सहजता से उत्तर दिया। (Bangle-Making Furnace)
डॉ. नीता द्विवेदी ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को नए शोध कार्यों से अवगत कराना रहा। उन्होंने कहा कि जब किसी की मुश्किल को देखकर उसके निवारण के लिए कार्य किया जाता है, तो वह सराहनीय होता है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे मुश्किल में फंसे लोगों की मदद के लिए आगे आए। डोली लांबा ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्पिक मैके विद्यार्थियों को कला, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विश्व प्रसिद्ध कलाकारों से रूबरू होने का अवसर प्रदान करता है। मंच संचालन हैरिटेज क्लब की सदस्य मुस्कान व महक ने किया। स्पिक मैके के एडवाइजर पंकज मल्होत्र्रा व शैफाली मल्होत्रा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।
Bangle-Making Furnace
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