Gurugram ED Raid News: हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के गुरुग्राम के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई वाटिका लिमिटेड से जुड़े निवेशक धोखाधड़ी मामले में की गई है। ED की जांच उस मामले से जुड़ी है, जिसमें वाटिका लिमिटेड और उसके प्रमोटर्स पर निवेशकों से पैसा लेकर प्रोजेक्ट पूरा नहीं करने और वादे के मुताबिक रिटर्न नहीं देने के आरोप लगे हैं। ED की जांच के मुताबिक चार कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में करीब 659 निवेशकों से लगभग 248 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। निवेशकों को प्रोजेक्ट में यूनिट देने, एश्योर्ड रिटर्न और लीज रेंटल जैसी सुविधाओं का भरोसा दिया गया था।
आरोप है कि बाद में कई प्रोजेक्ट पूरे नहीं हुए और निवेशकों को उनकी संपत्तियों की कन्वेयंस डीड भी नहीं मिली। ED ने 25 अगस्त को भी गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने दिल्ली-NCR में वाटिका लिमिटेड और उसके प्रमोटर-डायरेक्टर से जुड़े सात रिहायशी और कारोबारी परिसरों पर PMLA के तहत तलाशी ली थी। इस दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद कर जब्त किए गए। इसके अलावा करीब 33 करोड़ रुपये मूल्य की तीन लग्जरी गाड़ियां, ज्वेलरी और बैंक खातों/सिक्योरिटीज को जब्त या फ्रीज किया गया था।
पहले भी करोड़ों की संपत्ति हो चुकी है अटैच
ED ने इस मामले में इससे पहले भी संपत्तियों पर कार्रवाई की है। नवंबर 2025 में करीब 108 करोड़ रुपये की कीमत वाले 1.35 एकड़ के कमर्शियल प्लॉट को अटैच किया गया था। इससे पहले जनवरी 2025 में करीब 68.59 करोड़ रुपये की नौ अचल संपत्तियां अटैच की गई थीं। वाटिका मामले में ED की कार्रवाई के दौरान अब तक बड़ी कीमत की संपत्तियों पर कार्रवाई हो चुकी है। आरोपों के मुताबिक निवेशकों को वाटिका के विभिन्न कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में निवेश के बदले समय पर कब्जा, एश्योर्ड रिटर्न, लीज रेंटल और सेल/कन्वेयंस डीड जैसी सुविधाओं का भरोसा दिया गया था। कई मामलों में निवेशकों को न तो समय पर प्रोजेक्ट का लाभ मिला और न ही संबंधित संपत्ति की कन्वेयंस डीड हुई। कुछ प्रोजेक्ट लंबे समय से अधूरे या टलते रहे।
अब ED किस चीज की जांच कर रही है?
मनी लॉन्ड्रिंग जांच में ED आम तौर पर यह पता लगाने की कोशिश करती है कि अपराध से हासिल रकम कहां गई और उसका इस्तेमाल किन संपत्तियों या संस्थाओं में हुआ। वाटिका मामले में भी एजेंसी वित्तीय लेन-देन, कंपनियों और संबंधित पक्षों के बीच पैसों के प्रवाह की जांच कर रही है। अगस्त की तलाशी में डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए जाने की जानकारी ED ने दी थी। वाटिका लिमिटेड से जुड़े निवेशक धोखाधड़ी के आरोप भी जांच और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। अब ED की जांच में जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होगी। एजेंसी यह भी देखेगी कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां हुआ और क्या किसी तरह की मनी लॉन्ड्रिंग हुई।


