Mahadaan: जीवन के वो महादान, जिनको करने से मिलता है मृत्यु के बाद मोक्ष!

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Mahadaan: सनातन धर्म में दान का प्राचीन महत्व है, जिसे जीवनकाल के बाद मोक्ष से जोड़ा गया है।
Mahadaan: सनातन धर्म में दान का प्राचीन महत्व है, जिसे जीवनकाल के बाद मोक्ष से जोड़ा गया है।

गरुड़ पुराण के अनुसार, दान-दक्षिणा करने का पुण्य व्यक्ति इस जन्म में पाता है
Mahadaan, (आज समाज), नई दिल्ली: सनातन धर्म में पूजा-पाठ, यज्ञ, हवन आदि के बाद ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को दान करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। प्राचीन काल में धार्मिक अनुष्ठान के बाद राजा-महाराजा ब्राह्मण भोज आयोजित करते थे और ब्राह्मणों और जरूरतमंद लोगों को दान करते थे, क्योंकि सनातन धर्म में दान का खास महत्व बताया गया है। साथ ही दान के पुण्य प्रवाभों से मृत्यु के बाद भी व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. गरुड़ पुराण में कुछ खास चीजों के दान को महादान बताया गया है। आइए जानते हैं गरुड़ पुराण के 10 महादान।

गरुड़ पुराण के महादान

  • गौदान: गरुड़ पुराण के अनुसार, गौदान (गाय का दान) सभी दानों में सर्वोत्तम होता है। गाय का दान करने से मृत्यु के बाद आत्मा बड़ी आसानी से नर्क की वैतरणी नदी को पार कर लेती है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • भूमि: किसी को भूमि का दान करना बहुत ही शुभ होता है। किसी जरूरतमंद को या मंदिर बनाने के लिए जमीन दान करने से मृत्यु के बाद आत्मा को परलोक में आश्रय मिलता है।
  • तिल: तिल को पवित्र माना जाता है. शास्त्रों में इसका संबंध न्याय के देवता शनि से माना गया है। तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु के पसीने से मानी जाती है। जीते जी तिल का दान करने से मृत्यु के बाद आत्मा को शांति और मोक्ष प्राप्त होता है। पुराने दोषों और पापों का भी नाश हो जाता है।
  • सोना: स्वर्ण यानी सोने का दान करने से यमलोक में दंड और नरक में मिलने वाली कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है।
  • घी: घी का दान करने से मरने के बाद आत्मा तृप्त हो जाती है और उसको उर्जा व बल मिलता है। घी के दान को भी महादान की श्रेणी में रखा गया है। मान्यता है कि घी का दान करने से आत्मा नरक में जाने से बच जाती है।
  • कपड़े: कपड़ों का दान करना आध्यात्मिक नजरिए से बेहद खास होता है। कपड़ों का दान मरने के बाद परलोक में आत्मा को शांति दिलाता है।
  • अन्न: अन्न का दान भी महादान माना गया है। जो भूखे को खाना खिलाते हैं या अन्न का दान करते हैं, यमलोक के रास्ते में उनकी आत्माएं भूख-प्यास का सामना नहीं करतीं।
  • गुड़: गुड़ के दान का काफी खास महत्व है। गुड़ का दान करने से जीवन और रिश्तों में मधुरता रहती है। साथ ही पितृ भी तृप्त होते हैं।
  • चांदी: ज्योतिष शास्त्र में चांदी का संबंध चंद्रमा से बताया गया है। इसका दान करने से मृत्यु के बाद मोक्ष का मार्ग खुलता है।
  • नमक: जीवनकाल में नमक का दान करने से मरने के बाद यमराज के डर और नर्क की यातनाओं से मुक्ति मिल जाती है।

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