Tahir Hussain News: उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी ऑफिसर अंकित शर्मा की बर्बर तरीके से की गई हत्या मामले में दोषी करार दिए गए आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित 5 दोषियों को कड़कड़डुमा कोर्ट ने शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। ASJ प्रवीण सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया। दिल्ली पुलिस ने पांचों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। 25 फरवरी, 2020 को अंकित शर्मा दंगे के दौरान लापता हुए और उनका शव एक नाले से मिला था।
कोर्ट ने कहा-बहुत गंभीर घटना
सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि यह बहुत गंभीर घटना थी। अंकित शर्मा की बुरी तरह से हत्या की गई और उनकी बॉडी जानवर की तरह छोड़ दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि यह घटना समाज को झकझोर देने वाली थी। जिस तरह से यह पूरी घटना हुई उसने समाज को सोचने पर मजबूर किया। अदालत ने कहा कि अपराध को अंजाम देने का तरीका अत्यंत क्रूर था।
दिल्ली पुलिस ने मांगा था मृत्युदंड
दिल्ली पुलिस ने पांचों दोषियों के लिए मृत्युदंड (फांसी की सजा) की मांग की थी। पुलिस ने दोषियों को कसाई बताते हुए कहा था कि अधिकारी की हत्या बेहद क्रूर तरीके से और सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी। 25 फरवरी, 2020 को अंकित शर्मा दंगे के दौरान लापता हुए और उनका शव एक नाले से मिला था। विशेष लोक अभियोजक (SPP) ने अदालत में दलील देते हुए कहा था कि ये लोग बेहद क्रूर थे। इन्होंने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। इन लोगों को सलाखों के पीछे रखा जाना चाहिए और इन्हें मृत्युदंड की सजा दी जानी चाहिए।
इन 5 लोगों मिली सजा
अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद, 13 जुलाई, 2026 को आईबी अधिकारी की हत्या मामले में ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को हत्या और दंगे का दोषी करार दिया, जिन्हें आज कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई।
दिल्ली पुलिस का सख्त रुख
दिल्ली पुलिस ने सुनवाई के दौरान दलील दी थी कि अपराधियों ने बेहद क्रूर और जघन्य तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, यह इन लोगों की एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे बिना किसी रहम के अंजाम दिया गया। अदालत में कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस ने कहा कि इंसानियत को शर्मसार करने वाले इस तरह के बर्बर और अक्षम्य अपराध के लिए सभी दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। समाज में सख्त संदेश देने के लिए इन सभी दोषियों को सिर्फ और सिर्फ मौत की सजा मिलनी चाहिए।
शरीर पर 51 चोटें पाई गईं
अदालत में पुलिस ने अंकित शर्मा पर की गई बर्बरता का पूरा विवरण दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सबूतों के हवाले से बताया गया कि उनके शरीर पर कुल 51 गंभीर चोटें पाई गई थीं। इनमें से 7 चोटें ऐसी थीं, जो अलग से ही मौत का कारण बनने के लिए काफी थीं। इसके अलावा, 16 घाव धारदार हथियारों से दिए गए थे। पुलिस ने अदालत में कहा कि जिस तरह से धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया, वह इस अपराध की बर्बरता और क्रूरता को साफ तौर पर दिखाता है।
53 लोगों की हुई थी मौत
फरवरी 2020 में हुए दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी, कई अन्य घायल हुए थे और करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था।


