Day Log Market Jind : राजकीय महाविद्यालय में हुआ डे लॉग बाजार का भव्य आयोजन

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Day Log Market Jind : राजकीय महाविद्यालय में हुआ डे लॉग बाजार का भव्य आयोजन
डे लॉग बाजार का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य सत्यवान मलिक।
  • नौ स्टॉलों में पर्यावरणीय संवेदनशीलता, रचनात्मकता और सांस्कृतिक धरोहर का दिखाया सुंदर संगम

Day Log Market Jind(आज समाज) जींद। राजकीय महाविद्यालय में शनिवार को पर्यावरण संरक्षण को समर्पित डे लॉग बाजार का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य सत्यवान मलिक ने किया और मुख्य अतिथि जेसी मान रहे। इस एक दिवसीय प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए नौ स्टॉलों में पर्यावरणीय संवेदनशीलता,  रचनात्मकता और सांस्कृतिक धरोहर का सुंदर संगम देखने को मिला।

प्राचार्य सत्यवान मलिक ने कहा कि यह आयोजन हमें सिखाता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। वर्मीकम्पोस्ट से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना, बेस्ट आउट ऑफ  वेस्ट से अनुपयोगी वस्तुओं को उपयोगी बनाना और हर्बल पौधों से वायु शोधन एवं प्रदूषण नियंत्रण, यह सभी हमें याद दिलाते हैं कि प्रकृति के साथ संतुलन बना कर ही हम आने वाली पीढिय़ों को एक स्वस्थ और स्वच्छ धरती दे सकते हैं।

प्रतियोगिताओं के विजेताओं को नगद पुरस्कार दिया गया 

इस मौके पर पोस्टर मेकिंग कंपटीशन में खुशी बीए द्वितीय वर्ष ने प्रथम स्थान, पूनम बीए तृतीय वर्ष ने द्वितीय स्थान तथा प्रिंस बीए प्रथम वर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। क्विज कंपटीशन में कुनाल और कैलाश बीएससी प्रथम वर्ष ने प्रथम स्थान, सुकांत और अखिल बीए तृतीय वर्ष ने द्वितीय स्थान और दक्ष और दीपांशु बीएससी प्रथम वर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को क्रमश: तीन, दो व एक हजार रुपये का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

नोडल अधिकारी डॉ. मंजीत श्योकंद ने स्टॉलों की विशेषताओं का विवरण देते हुए बताया कि हरियाणवी संस्कृति वाले स्टॉल पर पारंपरिक परिधान और आभूषण प्रदर्शित किए गए। वर्मी कम्पोस्ट स्टॉल में जैव उर्वरक निर्माण की प्रक्रिया समझाई। बेस्ट आउट ऑफ  वेस्ट स्टॉलों पर विद्यार्थियों ने अनुपयोगी वस्तुओं से सजावटी व उपयोगी सामग्री बनाकर पर्यावरणीय संदेश दिया।

उत्पादों ने स्थानीय शिल्प को बढ़ावा दिया

हर्बल पौधों वाले स्टॉल ने वायु शुद्धि और प्रदूषण नियंत्रण की महत्ता को सामने रखा। मिट्टी की कलाकारी और औज़ारों के स्टॉल ने स्थानीय कला,  रोजगार और कृषि कार्य की सरलता को उजागर किया। वहीं हस्तकरघा व हस्तनिर्मित कपड़ों के स्टॉल पर अजरख प्रिंट व अन्य उत्पादों ने स्थानीय शिल्प को बढ़ावा दिया। संयोजक अंजना ने अन्य गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदर्शनी के साथ-साथ पूरे दिन विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक व जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया

पर्यावरण प्रदूषण और कानूनों पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता ने छात्रों को गहरी जानकारी दी। ग्लोबल वार्मिंग और जैव विविधता संरक्षण पर पोस्टर प्रतियोगिता ने उनकी रचनात्मकता को सामने लाया। वहीं कार्बन फुटप्रिंट और जलवायु परिवर्तन पर विशेष कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि छोटे-छोटे दैनिक व्यवहारिक बदलाव भी बड़े पैमाने पर असर डाल सकते हैं। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. सविता दूहन, डॉ. यशवंती, डॉ. रीना मलिक, डॉ. निशा, डॉ. शर्मिला, यशपाल, डॉ. वीरेंद्र, रीना, पूनम सिहाग सहित विभिन्न विभागों की विशेष भूमिका रही। इस आयोजन में विद्यार्थियों, शिक्षकों और शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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