Faridabad News(आज समाज नेटवर्क) होडल। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में पानी छोड़े जाने के कारण होडल के यमुना नदी से सटे गांव में जलस्तर लगातार बढऩे से सतुआ गढ़ी गांव की लगभग तीन हजार बीघा जमीन पर खड़ी फसल बाढ़ की चपेट में आ गया है। यमुना नदी पानी गांव में घुसने लगा है। होडल उपमंडल में यमुना नदी के साथ सटे दर्जनभर गांवों में यमुना का पानी घरों तक पहुंच चुका है। यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर की वजह से किसानों की सब्जी और कपास, बाजरे के साथ साथ पशु चारा नष्ट हो चुका है वहीं सडक़ें भी कटाव की चपेट में आने से परिक्रमा मार्ग का एक बहुत बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया है। प्रशाशन का अधिकारी कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा है जिससे ग्रामीणों ने प्रशाशन के खिलाफ भारी रोष व्यक्त है और किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
उपमंडल में यमुना नदी अब पूरे उफान पर है,यमुना नदी के साथ साथ सटे गांवों में बाढ़ जैसे हालत पैदा हो गए हैं
यमुना का जलस्तर बढऩे से होडल उपमंडल के दर्जनों गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। यमुना नदी का पानी खेतों में खड़ी फसल तक तो पहुंच चुका ही है साथ जी यह पानी जिले से गुजरने वाली यमुना नदी के साथ सटे दर्जनभर गांवों में घरों तक पानी पहुंच गया है जिससे ग्रामीणों के मन में भय पैदा हो गया है। सतुआ गढ़ी गांव की लगभग तीन हजार बीघा जमीन जलमग्न आपको बता दें कि पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश होने के कारण यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है जिसे देखते हुए हथिनीकुंड बैराज के गेट खोल दिए गए हैं। उपमंडल में यमुना नदी अब पूरे उफान पर है। यमुना नदी के साथ साथ सटे गांवों में बाढ़ जैसे हालत पैदा हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह से लगातार पानी छोड़े जाने से यमुना नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
सरकार और जिला प्रशासन को जो किसानों की फसल बर्बाद हुई है उसकी गिरदावरी कराकर मुआवजा देना चाहिए
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण किसानों की फसलें तबाह हो गई है। सबसे ज़्यादा नुकसान सब्जी उगाने वाले किसानों का हो रहा है। किसानों ने बताया कि हमारी फसलें तो बर्बाद हो गई है इसके अलावा पशुओं का चारा भी नष्ट हो चुका है। गांव में घुसे पानी की वजह से ग्रामीणों ने बताया कि आम आदमी से लेकर घरेलू पशुओं को भारी दिक्कत बनीं हुई है। उन्होंने बताया कि गांव में यमुना का पानी घुस गया है। परिक्रमा मार्ग का एक बहुत बड़ा हिस्सा बह गया है। प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर राजनेताओं ने अभी तक गांव का दौरा नहीं किया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वह केंद्रीय मंत्री से कर चुके हैं लेकिन उसके बाद भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी भी उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहे है। किसानों ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन को जो किसानों की फसल बर्बाद हुई है उसकी गिरदावरी कराकर मुआवजा देना चाहिए ताकि किसानों को राहत मिल सके ।
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