Himachal News: हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर जारी है। प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भूस्खलन और भारी बारिश से सड़क मार्ग के साथ-साथ रेलमार्गों पर भी आवागमन प्रभावित है। भूस्खलन से प्रदेश में बुधवार शाम तक 117 सड़कें बाधित रहीं। प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान सबसे ज्यादा 186.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
पत्थर गिरने से गाय की मौत
बिलासपुर जिले के जुखाला ग्राम पंचायत के नलवाड़ गांव में देर रात पहाड़ी से भारी-भरकम पत्थर गिरने से एक गाय की मौत हो गई, जबकि बछड़ी घायल हो गई। पत्थर की चपेट में आने से टोका मशीन और उसकी मोटर भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्राम पंचायत जुखाला की उपप्रधान रूपा शर्मा ने बताया कि मंगलवार रात को हुई भारी बारिश के दौरान रात करीब 11:30 से 12:00 बजे के बीच नलवाड़ गांव में बड़ी पहाड़ी से अचानक भारी पत्थर नीचे आ गिरा, जिससे गाय की मौत हो गई।
पशुओं को भी खतरा
नलवाड़ में पहाड़ी के नीचे रह रहे चार-पांच परिवारों को खतरा है। बारिश बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने डीसी और प्रशासन से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और परिवारों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
भारी बारिश से बड़ा नुकसान
भारी बारिश से 141 बिजली ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि 51 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। भारी बारिश से नेशनल हाईवे 305 को भी काफी नुकसान पहुंचा है। नाहन-ददाहू सड़क पर नेहली के पास भूस्खलन हो गया।
नयना देवी में सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान नयना देवी में 186.6, मलरावं 140.0, कसौली 102.0, घाघस 99.0, नगरोटा सूरियां 98.2, ब्राह्मणी 90.4, स्लापड़ 81.2, काहू 77.6, शिमला 42.8, धर्मशाला 32.2, नाहन 58.8, कांगड़ा 69.0, बिलासपुर 64.0, सराहन 28.7 व नेरी में 39.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।


