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Municipal Corporation Shimla Elections माकपा ने बनाई नगर निगम शिमला के चुनाव की रणनीति

Municipal Corporation Shimla Elections माकपा ने बनाई नगर निगम शिमला के चुनाव की रणनीति

आज समाज डिजिटल, शिमला :

Municipal Corporation Shimla Elections : भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) नगर निगम शिमला के चुनाव में भाजपा द्वारा जनता पर महंगाई, बेरोजगारी व आर्थिक बोझ डालने वाली नीतियों के विरुद्ध अब हर वार्ड में जनता के बीच जाएगी।

यही नहीं, माकपा आमजन के हित की वैकल्पिक नीतियों व भाजपा को हराने के लिए वाम जनवादी व धर्मनिरपेक्ष मोर्चा बनाकर जनता के लिए एक सशक्त विकल्प के रूप में चुनाव लड़ेगी।

यह फैसला माकपा की जिला कमेटी शिमला की बैठक में लिया गया। बैठक में अन्य मुद्दों के साथ-साथ शिमला नगर निगम चुनाव को लेकर चर्चा की गई।

इस बैठक में राज्य सचिव डा. ओंकार शाद, जिला सचिव संजय चौहान के अतिरिक्त देवकीनंद, जगमोहन ठाकुर, कुलदीप, बालक राम, अजय दुलटा, सत्यवान, रीना सिंह, अनिल ठाकुर, संदीप वर्मा, विजय राजटा व मदन नेगी ने भी भाग लिया।

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भाजपा का विफल कार्यकाल (Municipal Corporation Shimla Elections)

बैठक में कहा गया कि इस चुनाव में पार्टी नगर निगम में भाजपा के 5 वर्षों के विफल कार्यकाल और ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद इस दौरान शिमला शहर के लिए कोई नई परियोजना न ला पाना तथा सीपीएम के नेतृत्व में पूर्व नगर निगम के कार्यकाल में लंबे संघर्ष के बाद लाई गई परियोजनाएं जिसमें मुख्यत: स्मार्ट सिटी, विश्व बैंक से 125 मिलियन डालर की पेयजल आपूर्ति व सीवरेज की परियोजना, अम्रुत, टूटी कंडी रोपवे, शहरी गरीब के लिए आवास व तहबाजारी करने वालों के लिए आजीविका मिशन के अतिरिक्त पार्किंग व अन्य परियोजनाओं को सही तरीके से लागू करने में विफल रहने को मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा।

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चुनाव समिति का होगा गठन (Municipal Corporation Shimla Elections)

माकपा के जिला सचिव संजय चौहान ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर निगम शिमला चुनाव को लेकर एक चुनाव समिति का गठन होगा।

इसमें शिमला में कार्यरत सभी राज्य कमेटी, जिला कमेटी व लोकल कमेटी के सभी सदस्य शामिल होंगे। आगामी 1 सप्ताह में वार्ड स्तर पर चुनाव कमेटियों का गठन कर प्रत्याशियों के चुनाव व प्रचार-प्रसार के लिए कार्य किया जाएगा।

पार्टी जनता के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर इस चुनाव में उतरेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नगर निगम में 5 वर्षों के कार्यकाल में केवल जनविरोधी नीतियों को लागू किया।

इसमें पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के निजीकरण किया तथा पानी, कूड़ा उठाने की फीस, प्रापर्टी टैक्स, किराया व अन्य सेवाओं की दरों में वृद्धि कर महंगाई बढ़ाकर जनता पर केवल आर्थिक बोझ डालने का कार्य किया है।

कोरोना काल में नगर निगम कोई भी राहत जनता को देने में विफल रही है। आज भाजपा की इन जनविरोधी नीतियों के चलते सभी वर्गों जिसमें मजदूर, कर्मचारी, कारोबारी, छात्र, महिला, युवा व अन्य सभी वर्गों में आक्रोश है।

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बजट पर की चर्चा (Municipal Corporation Shimla Elections)

 

चौहान ने कहा कि बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर पेश किया गया है।

सरकार द्वारा लागू की जा रही नीतियों के कारण तेजी से बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई व कृषि संकट जैसे गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए इस बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार आय के साधनों के सृजन में पूरी तरह से विफल रही है जिससे वित्तीय घाटा बढ़ा है और सरकार का कर्ज आज 65,000 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।

इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक गंभीर संकट की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कृषि व बागवानी के क्षेत्र में प्रदान की जा रही सहायता व सब्सिडी में कटौती के चलते खाद, बीज, कीटनाशक, फफूंदीनाशक व अन्य लागत वस्तुओं की कीमतों में तेजी से वृद्धि हो रही है।

इनकी कीमतों में 1 वर्ष में 40 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। इससे गरीब व छोटे किसान व बागवान का संकट और गहरा हो गया है और उसका रोजी-रोटी का संकट और बढ़ा है।

बेरोजगारी, महंगाई व कृषि संकट दूर हो (Municipal Corporation Shimla Elections)

 

संजय चौहान ने कहा कि बैठक में सरकार से बेरोजगारी, महंगाई व कृषि संकट को दूर करने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की गई।

दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर कम से कम 700 रुपए किया जाए तथा न्यूनतम वेतन 21,000 रुपए सभी के लिए किया जाए। पुरानी पेंशन बहाल की जाए तथा आउटसोर्स व स्कीम वर्कर के लिए स्थाई नीति बनाई जाए।

कृषि व बागवानी में समाप्त की गई सब्सिडी को तुरंत बहाल कर किसानों को राहत प्रदान कर खाद, बीज, कीटनाशक, फफूंदीनाशक व अन्य लागत वस्तुओं की कीमतों में कमी करे।

प्रदेश में पैदा होने वाली सभी फसलों, सब्जियों, फलों व दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करें। सेब के लिए कश्मीर की तर्ज पर मंडी मध्यस्थता योजना लागू की जाए तथा सेब बागवानों का बकाया भुगतान तुरंत नकद में किया जाए।

पार्टी मजदूर, कर्मचारी व किसानों के द्वारा अपनी मांगों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलनों का समर्थन करती है। Municipal Corporation Shimla Elections

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