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पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के न्यूरो सर्जरी विभाग द्वारा सुश्रुत ओडिटोरियम में करवाई  गई आयोजित Neuro Surgery Department Rohtak

संजीव कौशिक,रोहतक:
Neuro Surgery Department Rohtak : एसोसिएशन ऑफ न्यूरो सर्जन ऑफ नॉर्थ वेस्ट जोन की छठी वार्षिक कांफ्रेंस में विभाग के दो सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों ने बेस्ट पेपर अवार्ड की श्रेणी में पहला और दूसरा पुरस्कार जीता है, वहीं एक अन्य चिकित्सक ने ई पोस्टर श्रेणी में भी बेस्ट अवार्ड जीता है। कुलपति डॉ. अनिता सक्सेना, निदेशक डॉ.एस.एस. लोहचब व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ईश्वर सिंह ने तीनों चिकित्सकों को बधाई दी।

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चिकित्सकों की उपलब्धि के बारे में विस्तार से दी जानकारी (Neuro Surgery Department Rohtak)

तीनों चिकित्सकों की उपलब्धि के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए डॉ. ईश्वर सिंह ने बताया कि गत दिवस आयोजित कांफ्रेंस में उनके विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. गौरव सिंह मक्कड़ ने अपना पेपर इवैल्यूएशन ऑफ प्रीऑपरेटिव लंबर ड्रेन इन ऐन्यरिजम एसएएच विषय पर प्रस्तुत किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि कई बार दिमाग की नस फटने पर गुब्बारे का आकार ले लेती है, जिसे ऐन्यरिजम कहा जाता है। ऐसे में खून हर तरफ फैल जाता है,ऐसे में आप्रेशन करके नस को बंद किया जाता है। डॉ. ईश्वर ने बताया कि डॉ. गौरव ने अपने इस पेपर में पाया कि ऐसे केस में लंबर ड्रेन डालना काफी सहायक होता है।

इस पेपर को कांफ्रेंस में प्रथम अवार्ड से नवाजा गया। डॉ. ईश्वर सिंह ने बताया कि दूसरे चिकित्सक डॉ. अनंत चौपड़े ने अपने पेपर में दर्शाया था कि दुर्घटना के समय जब दिमाग में चोट लग जाती है तो आप्रेशन के दौरान परत को बंद करने का फायदा होता है या नहीं। उन्होंने बताया कि डॉ. अनंत ने अपनी रिसर्च में पाया कि आप्रेशन के बाद परत बंद नहीं करने से मरीजों को ज्यादा फायदा हो सकता है।

Neuro Surgery Department Rohtak
Neuro Surgery Department Rohtak

डॉ.प्रवीण को मिला बेस्ट ई-पोस्टर अवार्ड (Neuro Surgery Department Rohtak)

डॉ. ईश्वर ने बताया कि डॉ. अनंत की इस रिसर्च पेपर को द्वितीय अवार्ड से नवाजा गया। डॉ. गोपाल ने बताया कि कांफ्रेंस में ई पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था, इसमें डॉ. प्रवीण होल्कर ने हिस्सा लिया था। उन्होंने अपने पोस्टर में दिखाया था कि कभी कभी दिमाग की चमड़ी में नसोंं का गुच्छा बन जाता है। उन्होंने अपनी रिसर्च में दिखाया कि उस गुच्छे को कैसे निकाला जाए और उसके क्या फायदे होते हैं, वहीं बताया कि सर्जरी से इसका सफल इलाज किया जाता है। (Latest Rohtak News) डॉ. गोपाल ने बताया कि डॉ.प्रवीण की इस रिसर्च को बेस्ट ई-पोस्टर अवार्ड मिला।

इस अवसर पर ये सभी रहे उपस्थित (Neuro Surgery Department Rohtak)

इस अवसर पर निदेशक डॉ.एस.एस. लोहचब, डॉ. विवेक फौगाट, डॉ. वरूण अग्रवाल, डॉ. प्रवीण, डॉ. गौरव व डॉ. अनंत भी उपस्थित थे।

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