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प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना के प्रचार के लिए प्रचार वाहन को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना

नीरज कौशिक, महेंद्रगढ़:
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान 31 दिसंबर तक फसलों का बीमा करवा सकते हैं। उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर ने आज फसल बीमा योजना के लिए गांव गांव प्रचार करने के लिए प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीसी डॉ. जय कृष्ण आभीर ने प्रतिनिधियों को योजना का भरपुर प्रचार प्रसार करने एवं अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि रबी सीजन में इस योजना के तहत किसानों को गेहूं, जो, सरसों, चना व सूरजमुखी के लिए क्रमश 425 रुपये, 278 रुपये, 286 रुपये, 212 रुपये एवं 278 रूपये प्रति एकड़ की दर से प्रीमियम देना होगा।
उन्होंने बताया कि फसल की बीमित राशि गेहूं, जो, सरसों, चना व सूरजमुखी के लिए क्रमश 28333 रुपये, 18525 रुपये, 19070 रुपये, 14166 रुपये एवं 18525 रुपये प्रति एकड़ निर्धारित की गई है।

कृषि विभाग द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 18001802117

उन्होंने बताया कि यह योजना सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। इसलिए यदि ऋणी किसान इस योजना में शामिल नहीं होना चाहते तो वे 24 दिसम्बर 2022 तक अपने बैंकों में लिखित आवेदन करके योजना से बाहर हो सकते हैं। यदि ऋणी किसान स्कीम से बाहर होने के लिए तय सीमा तक सम्बन्धित बैंक में आवेदन नहीं करता तो बैंक किसान की फसलों का बीमा करने के लिए अधिकृत होंगे। उन्होंने बताया कि गैर-ऋणी किसान ग्राहक सेवा केन्द्र या बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि से अपनी फसल का बीमा करवा सकता है। यदि कोई किसान पहले से नियोजित फसल को बदलता है तो उसे अन्तिम तिथि से कम से कम दो दिन पहले 29 दिसम्बर तकद फसल बदलाव के लिए बैंक में सूचित करना होगा। उन्होंने बताया स्कीम में किसानों की शिकायतों के निपटान के लिए राज्य व जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियों का गठन किया गया है। अधिक जानकारी के लिए कृषि विभाग द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 18001802117 पर अथवा अपनी बैंक शाखा या बीमा कंपनी के जिला प्रतिनिधी राहुल सिंह से 9907944085 एवं 9317768540 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा योजना का पूरा विवरण कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की वेबसाइट एग्री हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन एवं पीएमएफबीवाई डॉट जीओवी डॉट इन पर उपलब्ध है।

कौन कौन से नुकसान कवर है एवं कैसे करें मुआवजे के लिए आवेदन

स्थानीय आपदाओं के अंतर्गत ओलावृष्टि, जलभराव भूस्खलन, आसमानी बिजली से नुकसान होने पर किसान को आपदा होने के 72 घन्टे के अंदर अंदर कृषि तथा किसान कल्याण विभाग, नारनौल के कार्यालय में शिकायत दर्ज करवानी होगी। शिकायत दर्ज करवाने के लिए फसल बीमा की एप्लीकेशन आईडी अतिआवश्यक है। अतः किसानों से अनुरोध है कि बीमा करवाते ही अपनी बीमा की एप्लीकेशन आईडी अपने बैंक से यथासमय प्राप्त कर लें ताकि नुकसान उपरान्त आवेदन जमा करवाने में किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े। स्थानीय आपदाओं के अंतर्गत नुकसान का आकलन खेत स्तर पर किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त व्यापक प्रसार आपदाओं के अंतर्गत कीट पतंगों, रोग लगने पाला एवं ठंड से या किसी अन्य कारण से होने वाले नुकसान का आकलन हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर गांव की औसत पैदावार निकालकर किया जाता है। व्यापक प्रसार आपदाओं के अंतर्गत नुकसान का आकलन गांव स्तर पर किया जाता है। इसके लिए किसान को नुकसान की सूचना या आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती।

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