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उपायुक्त अनीश यादव ने जागरूकता वैन को हरी झण्ड़ी दिखाकर किया रवाना

प्रवीण वालिया, करनाल :

  • गांव-गांव जाकर किसानों को फसल अवशेष/फानो में आग न लगाने के लिए करेंगी जागरूक

उपायुक्त अनीश यादव ने गुरूवार को लघु सचिवालय परिसर से कृषि विभाग की 6 जागरूकता वैन को हरी झण्ड़ी दिखाकर रवाना किया, जो गांव-गांव जाकर किसानों को फसल अवशेष (फाने) न जलाने के लिए जागरूक करेंगी। गांव पहुंचते ही वैन एक कॉमन प्लेस पर रूकेगी और इसमें मौजूद ऑडियो रिकॉर्डिंग से किसानों को बताया जाएगा कि फसल अवशेषों में आग लगाने के क्या-क्या नुकसान हैं। यह भी बताया जाएगा कि फानो में आग लगाने की बजाए उनकी गांठे बनवाएं या मशीनों से पराली को खेत में ही समायोजित करें। किसानों को इस बात के लिए भी जागरूक किया जाएगा कि जो किसान फसल अवशेष प्रबंधन को अपनाएगा, उसे सरकार की ओर से एक हजार रूपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

खेतो में बचे अवशेषों को आग नहीं लगाये

जागरूकता वैन को झण्ड़ी दिखाकर रवाना करने के बाद उपायुक्त ने मीडिया कर्मियों को बताया कि करनाल जिला के किसान प्रगतिशील हैं। उम्मीद है कि वे धान कटाई के बाद खेतो में बचे अवशेषों को आग नहीं लगाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से गांव-गांव में ग्राम सचिव, पटवारी और एक कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम बनाकर किसानों को जागरूक करने की जो जिम्मेदारी दी गई है, उसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। लंबरदार और पूर्व सरपंचों का भी सहयोग मिल रहा है। खास बात यह है कि इस बार फसल अवशेषों में आगजनी की घटनाएं गत वर्ष के मुकाबले कम हैं।

वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 पार तो पर्यावरण के लिए अच्छा नहीं

मीडिया कर्मियों के एक सवाल पर उन्होंने बताया कि उद्योगों से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए जिला में ग्रैप (ग्रैडेड रिस्पोंस एक्शन प्लान) गत 1 अक्तूबर से लागू हो गया है। इसके तहत उद्योंगो में कोयला जलाने और जेनरेटर सेट चलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। सी एंड डी वेस्ट पर भी प्रतिबंध है, क्योंकि धूल-मिट्टी हवा में मिलकर उसकी सेहत खराब कर देती है। वायु गुणवत्ता सूचकांक यदि 200 पार कर जाए, तो वह पर्यावरण के लिए अच्छा नहीं होता, इससे मनुष्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि सी एंड डी वेस्ट जैसे वॉयलेशन पर नजर रखने के लिए जिला में सभी एसडीएम की अध्यक्षता में उडऩदस्ते बनाए गए हैं, जिसमें डीडीपीओ और पुलिस अधिकारी तथा नगर निगम/पालिकाएं निगरानी करेंगी और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।

पहले चरण में 6 गाडिय़ां

उप कृषि निदेशक डॉ. आदित्य डबास ने इस अवसर पर बताया कि करीब 20 दिन पहले सभी गांवो में उन लोगों से एफिडेविट लिए गए थे, जिन्होंने पिछले साल फानो में आग लगाई थी। यह भी सुनिश्चित किया गया है, कि वे इस वर्ष ऐसा नहीं करेंगे। फिर भी यदि कोई करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जागरूकता वैन को लेकर उन्होंने बताया कि पहले चरण में 6 गाडिय़ां लगाई गई हैं, आने वाले दिनो में इनकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी। डीडीए ने बताया कि जिला में अब तक फानो को आग लगाने की 13 लोकेशन मिली हैं, इनमें से 10 पर जुर्माना लगा दिया गया है। दो-तीन ऐसे हैं, जो जुर्माना देने से मना कर रहे हैं, उनके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि फानो में आग लगाने वालों की कोई भी व्यक्ति प्रशासन को सूचना दे सकता है, उसका नाम गुप्त रखा जाएगा।

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