Haryana Himachal Todays Weather 4 August 2026: हरियाणा में एक बार फिर मानसून रफ्तार पकड़ने लगा है. पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिली है. मौसम विभाग का कहना है कि 4 से 6 अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. कुछ इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है.
कई जिलों में हुई हल्की बारिश
सोमवार को यमुनानगर के छछरौली क्षेत्र के फेरूवाला गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया. वहीं यमुनानगर, हांसी, हिसार और जींद समेत कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी हुई. इससे तापमान में मामूली गिरावट आई और मौसम पहले के मुकाबले सुहावना हो गया.
मौसम विभाग ने जारी किया बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, हरियाणा में मौसम तेजी से बदल रहा है. फिलहाल मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी है. रविवार शाम के बाद करनाल, मेवात, रोहतक, हथनीकुंड बैराज, अंबाला और नारनौल में भी बारिश दर्ज की गई. विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी बारिश नहीं होने से फसलों पर असर पड़ रहा है, क्योंकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी बनी हुई है.
4 से 6 अगस्त तक बढ़ेगी बारिश की संभावना
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, मानसून की ट्रफ रेखा उत्तर की ओर बढ़ रही है. साथ ही उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के कारण हरियाणा में मानसूनी हवाएं मजबूत होंगी. इसके प्रभाव से 4 से 6 अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है.
7 और 8 अगस्त को कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, 7 और 8 अगस्त को बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं. इस दौरान आंशिक बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है. बादल बने रहने से दिन के तापमान में हल्की कमी आएगी, जबकि रात का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है.
हिमाचल प्रदेश में 4 से 9 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के लिए 4 से 9 अगस्त तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. इस दौरान कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है. गरज-चमक, बिजली गिरने और करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है. पहाड़ी और निचले इलाकों में जलभराव तथा भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.


