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Bajra Roti Aluna Ghee and Sarson Ka Saag सर्दी के प्रभाव को कम करने के लिए रामबाण है बाजरे की रोटी, अलूणा घी व सरसों का साग

अमित वालिया, लोहारू:

Bajra Roti Aluna Ghee and Sarson Ka Saag: जनवरी माह में समूचा क्षेत्र में शीतलहर व ठंड का प्रभाव अपने चरम पर है। ऐसे में दक्षिणी हरियाणा के अंतिम छोर पर बसे लोहारू, सतनाली, बहल क्षेत्र के लोग बाजरे की रोटी, सरसों के साग व अलूणी घी के सहारे सर्दी को मात दे रहे हैं। अंगारों पर पकाई गई बाजरे की रोटियां जहां सर्दी में भी गर्मी का एहसास कराती हैं वहीं अलूणी घी का तडका तन-मन को ताकत प्रदान करता है।

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बजरा प्रोटीन, काबोर्हाइड्रेट के साथ-साथ फाइबर का एक अच्छा स्रोत Bajra Roti Aluna Ghee and Sarson Ka Saag

Bajra Roti Aluna Ghee and Sarson Ka Saag

ग्रामीण अंचल में सदियों से शीत ऋतु का प्रमुख खाद्यान्न रहे बाजरे में प्रोटीन, काबोर्हाइड्रेट के साथ-साथ फाइबर का एक अच्छा स्रोत है तथा शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। अब वैज्ञानिक भी परंपरागत रोटी, खिचड़ी के साथ-साथ बाजरे के लड्डू, केक, बिस्किट, मटर सहित विभिन्न पकवानों को उपयोग लेने की सलाह दे रहे है।

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हरियाणा में दशकों से बाजरा प्रमुख खाद्यान्न Bajra Roti Aluna Ghee and Sarson Ka Saag

उल्लेखनीय है कि दक्षिण हरियाणा क्षेत्र में दशकों से बाजरा एक प्रमुख खाद्यान्न रहा है तथा कम वर्षा में भी अच्छी पैदावार होने से यह पशुओं का भी प्रमुख आहार रहा है। ग्रामीण अंचल में हर मौसम में बाजरे का किसी न किसी रूप में प्रयोग किया जाता है। परंतु सर्दी में बाजरे की रोटियां सरसों के साग व ताजा निकाले गए अलूणी घी के साथ खाई जाती हैं।

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सप्ताह में कम से कम दो बार खाएं बाजरे की खिचड़ी Bajra Roti Aluna Ghee and Sarson Ka Saag

सप्ताह में कम से कम दो दिन लोग बाजरे की खिचड़ी का उपयोग करते हैं और शाम को बनने वाली बाजरे की गरम गरम राबड़ी सर्दी, जुकाम, बदहजमी व अनिद्रा की रामबाण औषधि मानी जाती है। बाजरे की गर्म राबड़ी के सामने जायके व पौष्टिकता के मामले में हर प्रकार के सूप पानी भरते नजर आते हैं।

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फास्ट फूड के चलते बाजरे में रूचि कम Bajra Roti Aluna Ghee and Sarson Ka Saag

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वहीं दूसरी ओर वर्तमान में फास्ट फूड के बढ़ते चलन के कारण बच्चों व युवाओं में बाजरे के उपयोग की रुचि कम होती जा रही है। वे नाश्ते में रोटी की बजाय ब्रेड, बिस्किट, मटर, फ्लेक्स आदि पसंद करते हैं परंतु बुजुर्गों की पहली पसंद आज भी बाजरे के पकवान बने है। बाजरे का आटा जल्दी ही खट्टा या कड़वा हो जाता है, ऐसे में इसका प्रयोग सीमित रह गया है। परंतु बावजूद इसके लोग घरों में सर्दी से बचाव के लिए बाजरे की रोटियों, बाजरे व गुड के लड्डू का सहारा ले रहे है।

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शरीर के लिए फायदेमंद बाजरे से बने व्यंजन Bajra Roti Aluna Ghee and Sarson Ka Saag

बुजुर्गों की मानें तो बाजरे से परंपरागत खिचड़ी या रोटी के साथ-साथ बिस्किट, सेवइयां, केक, मटर, लड्डू सहित अनेक लजीज व पौष्टिक व्यंजन बनाए जा सकते हैं जो न केवल स्वादिष्ट है बल्कि शरीर के लिए भी फायदेमंद है।

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