39 चौके 10 छक्के और 350 रन … ईशान किशन ने फाइनल में काटा बवाल, 13 साल बाद टीम के बनाया चैंपियन

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तिलक वर्मा की कप्तानी वाली टीम के खिलाफ ईशान कुल 350 रन बनाकर अकेले ही टीम के दलीप ट्रॉफी जीतने की राह तैयार कर दी. पहली पारी में ईस्ट जोन ने 708 रन का रिकॉर्ड स्कोर बनाया. साउथ जोन की टीम 336 रन पर ढेर हो गई. दूसरी पारी 7 विकेट पर ईशान 388 रन बनाकर घोषित की और मैच पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर जीत ली.
ईशान किशन की टीम बनीं दलीप ट्रॉफी चैंपियन

नई दिल्ली. दलीप ट्रॉफी में ईशान किशन को चयनकर्ताओं ने ईस्ट जोन का कप्तान बनाया था. उन्होंने फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन कर दिया जिसने अकेले पूरी टीम को पस्त कर 13 साल का सूखा खत्म कर दिया. तिलक वर्मा की कप्तानी वाली टीम के खिलाफ ईशान कुल 350 रन बनाकर अकेले ही टीम के दलीप ट्रॉफी जीतने की राह तैयार कर दी. पहली पारी में ईस्ट जोन ने 708 रन का रिकॉर्ड स्कोर बनाया. साउथ जोन की टीम 336 रन पर ढेर हो गई. दूसरी पारी 7 विकेट पर ईशान 388 रन बनाकर घोषित की और मैच पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर जीत ली.

ईशान किशन ने घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ऐसा धमाका किया जिसने रिकॉर्ड की झड़ी लगा दी. वो फाइनल में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज बन गए. उन्होंने 13 साल बाद ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी का खिताब दिलाया. ईशान किशन ने फाइनल में 270 रन की पारी खेलकर इतिहास रच दिया. इससे पहले कभी ईस्ट जोन तो क्या किसी भी टीम ने दलीप ट्रॉफी में फाइनल में 700 रन का पहाड़ जैसा स्कोर नहीं बनाया था.

39 चौके 10 छक्के और 350 रन

ईशान किशन ने साउथ जोन के खिलाफ जब मैदान पर कदम रखा था जो पहली पारी में टीम ने 147 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे. ऐसे में उन्होंने स्कोर को 708 रन तक ले जाने की नींव रखी. उन्होंने पहली पारी में 334 बॉल का सामना करते हुए 30 चौके और 8 छक्के की मदद से 270 रन की बेमिसाल रिकॉर्ड तोड़ पारी खेल डाली. इतना ही नहीं उन्होंने दूसरी पारी में भी 80 रन की धमाकेदार पारी खेल डाली. इस पारी के दौरान 9 चौके और 3 छक्के लगाए. उन्होंने इस मैच में साउथ जोन के खिलाफ कुल 350 रन बनाए.