सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को पूजनीय माना जाता है
Tulsi Manjari Upay, (आज समाज), नई दिल्ली: सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को पूजनीय माना जाता है। हर घर के आंगन में ये पावन पौधा होता है। तुलसी की विधि-विधान से रोजाना पूजा की जाती है। तुलसी को हरिप्रिया कहा जाता है, क्योंकि ये पौधा भगवान विष्णु को अति प्रिय है। धार्मिक मान्यता है कि तुलसी में माता लक्ष्मी वास करती हैं। हालांकि, कई बार तुलसी के पौधे में अचानक बहुत सारी मंजरियां (तुलसी के बीज) आ जाती हैं।
तुलसी के पौधे में मंजरी आना माना गया है शुभ
तुलसी के पौधे में मंजरी आना वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के लिहाज से बहुत शुभ माना जाता है। इसको घर में सकारात्मक उर्जा का वास होने और माता की प्रसन्नता का प्रमाण माना जाता है। ज्योतिषविद और वास्तु के जानकार इसकी मंजरी से जुड़े कई विशेष उपायों को करने की सलाह देते हैं। मान्यता है कि तुलसी की मंजरी से जुड़े उपाय करने से घर में आर्थिक उन्नति होती है, तो आइए जानते हैं तुलसी की मंजरी के उपाय।
तुलसी की मंजरी के उपाय
- तुलसी की सूखी मंजरी को एक साफ लाल या पीले रंग के कपड़े में बांधें। इस पोटली को अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रखें। मान्यता है कि इस उपाय को करने से आर्थिक अवरोध दूर हो जाते हैं और घर में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
- पूजा के दौरान दीपक जलाते समय उसमें एक चुटकी सूखी मंजरी डाल दें। इस उपाय को करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है। इसकी सुगंध से वातावरण शुद्ध होता और मन भी शांत रहता है।
- हर शुक्रवार को ताजी या सूखी मंजरी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी प्रसन्न होते हैं और उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
पौधे पर मंजरी छोड़ने से लगता है वास्तु दोष
अक्सर ये देखा जाता है कि लोग तुलसी में मंजरी छोड़ दिया करते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर तुलसी पर बहुत अधिक मंजरी हो जाती है, तो पौधे पर भार बढ़ जाता है। इससे पौधा सूखने लगता है। घर में तुलसी का सूखना एक बड़ा वास्तु दोष माना गया है, इसलिए, जब मंजरी पक जाए या सूखने लगे, तो उसे समय रहते तोड़ दें। मंजरी को तोड़ना पौधे को नया जीवन देना माना जाता है।


