Somvati Amavasya: आज सोमवती अमावस्या पर शाम के समय करें दीपदान

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Somvati Amavasya: आज सोमवती अमावस्या पर शाम के समय करें दीपदान
Somvati Amavasya: आज सोमवती अमावस्या पर शाम के समय करें दीपदान

शाम के समय दीपदान करना बहुत ही शुभ माना जाता है
Somvati Amavasya, (आज समाज), नई दिल्ली: सोमवती अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस दिन स्नान, दान, जप-तप, पितृ तर्पण और भगवान शिव की पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शाम के समय दीपदान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है, घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन से नकारात्मकता दूर होती है।

क्यों खास माना जाता है शाम का दीपदान?

हिंदू परंपरा में दीपक को प्रकाश, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। अमावस्या की रात अंधकार का प्रतीक होती है, इसलिए इस दिन दीप प्रज्ज्वलित कर अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश दिया जाता है। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या की शाम में दीपदान करने से घर और आसपास का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। साथ ही देवी-देवताओं और पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

पितरों की कृपा पाने के लिए किया जाता है दीपदान

धार्मिक ग्रंथों में अमावस्या तिथि को पितरों को समर्पित माना गया है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों के तर्पण, दान और पूजा-पाठ करते हैं। मान्यता है कि शाम के समय दक्षिण दिशा की ओर दीपक जलाने से पितृ प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को सुख, शांति और उन्नति का आशीर्वाद देते हैं। जिन लोगों को पितृ दोष या पितरों की नाराजगी से जुड़ी परेशानियां होती हैं, उनके लिए भी यह उपाय लाभकारी माना जाता है।

धन-धान्य और सुख-समृद्धि की होती है प्राप्ति

सोमवती अमावस्या पर किया गया दीपदान केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आर्थिक समृद्धि के लिए भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक दीपदान करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इससे घर में धन, अन्न और सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। कई लोग इस दिन मंदिरों, नदी किनारों और पीपल के वृक्ष के नीचे भी दीपदान करते हैं।

नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने की मान्यता

ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। ऐसे में दीपदान करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर-परिवार में सुखद वातावरण बना रहता है। माना जाता है कि दीपक का प्रकाश मानसिक तनाव, भय और नकारात्मक विचारों को दूर करने में भी सहायक होता है।

कैसे करें सोमवती अमावस्या पर दीपदान?

शाम के समय स्नान कर भगवान शिव, माता पार्वती और अपने पितरों का स्मरण करें. तिल या घी का दीपक जलाकर मंदिर, तुलसी के पौधे, पीपल वृक्ष या घर के पूजा स्थल पर रखें। दीपदान करते समय अपने परिवार की सुख-समृद्धि और पितरों के आशीर्वाद की प्रार्थना करें। यदि हो सकता है तो जरूरतमंद लोगों को दान भी करें।