
Twisha Sharma Death Case: भोपाल में मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत की जांच अब एक बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गई है। CBI ने मामले में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें मौत से पहले की उस रात के फोन कॉल, व्हाट्सएप मैसेज और सीसीटीवी फुटेज का सिलसिलेवार ब्योरा दिया गया है। चार्जशीट के मुताबिक 12 मई की रात ट्विशा ने परिवार के कई सदस्यों से संपर्क किया था। वह रो रही थीं और अपने पति समर्थ सिंह के व्यवहार को लेकर परेशान थीं। मौत से कुछ मिनट पहले उन्होंने अपनी ननद राशि अबरोल को एक आखिरी मैसेज भी भेजा। इसके कुछ ही देर बाद वह अकेले छत की ओर जाती दिखाई दीं।
शाम 7.51 बजे शुरू हुआ कॉल का सिलसिला
CBI के अनुसार 12 मई की शाम ट्विशा और उनके मायके और ससुराल पक्ष के बीच फोन कॉल और मैसेज का सिलसिला अचानक तेज हो गया था। चार्जशीट में कहा गया है कि उस रात दोनों परिवारों के बीच 34 से अधिक बार संपर्क या संपर्क की कोशिश हुई। इससे पहले दिन में समर्थ अपनी मां गिरिबाला सिंह के कहने पर पारिवारिक सलाह के लिए डॉक्टर के पास गया था। बाद में ट्विशा ब्यूटी पार्लर गई थीं। लौटने पर उन्होंने गिरिबाला और समर्थ को घर के बाहर टहलते देखा। चार्जशीट के मुताबिक ट्विशा उनके साथ जाना चाहती थीं, लेकिन दोनों इसके लिए तैयार नहीं हुए। शाम 7.51 बजे ट्विशा ने अपनी ननद राशि अबरोल को फोन किया। CBI के अनुसार इस बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि समर्थ उन पर करीब 20 लाख रुपये का निवेश चीनी शेयर बाजार में लगाने का दबाव बना रहा था। ट्विशा ने यह रकम ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया था।
रात 9.20 बजे फिर फोन, ट्विशा रो रही थीं
रात करीब 9.20 बजे ट्विशा ने राशि को दोबारा फोन किया। CBI के मुताबिक इस समय वह रो रही थीं। उन्होंने बताया कि उनकी पीठ में दर्द था और उन्होंने समर्थ से अलग कमरे में सोने के लिए कहा था। चार्जशीट में आरोप है कि इस बात पर समर्थ नाराज हो गया और बातचीत अचानक खत्म हो गई। इसके बाद राशि ने रात 9.29 बजे दोबारा फोन किया। CBI के अनुसार ट्विशा उस समय भी रो रही थीं और कुछ देर बाद कॉल कट गई। इसके कुछ ही मिनट बाद घटनाक्रम तेजी से बदल गया।
9.36 बजे ननद को भेजा आखिरी मैसेज
रात 9.36 बजे ट्विशा ने राशि अबरोल को अपना आखिरी मैसेज भेजा। CBI की चार्जशीट में इस संदेश को मामले का एक अहम डिजिटल सबूत बताया गया है। मैसेज में उन्होंने अपने पति का बचा हुआ सामान अगले दिन ले जाने की बात कही और लिखा कि उन्हें अभी शांति से मरने दिया जाए। यह संदेश उनकी मौत से कुछ ही मिनट पहले भेजा गया था। इसके करीब चार मिनट बाद, 9.40 बजे CCTV कैमरे में ट्विशा अकेले छत की ओर जाती दिखाई दीं।
9.41 बजे पिता को व्हाट्सएप कॉल की
CCTV में छत की ओर जाते दिखने के लगभग एक मिनट बाद, रात 9.41 बजे ट्विशा ने अपने पिता को व्हाट्सएप कॉल किया। सीबीआई के अनुसार बातचीत के दौरान ट्विशा रो रही थीं। उन्होंने अपने पिता से कहा कि समर्थ बहुत आक्रामक और हिंसक हो गया है। उन्होंने अपने परिवार से तत्काल भोपाल आने की अपील भी की। इस कॉल के बाद भी परिवार की चिंता कम नहीं हुई। करीब 24 मिनट बाद ट्विशा ने अपनी मां से भी संपर्क किया।
10.05 बजे मां को आखिरी कॉल
रात 10.05 बजे ट्विशा ने अपनी मां रेखा रानी शर्मा को आखिरी आउटगोइंग कॉल किया। CBI के अनुसार इस बातचीत में भी उन्होंने समर्थ के आक्रामक व्यवहार का जिक्र किया। इसके बाद उनकी मां ने ट्विशा को कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मां ने इसके बाद समर्थ और उसकी मां गिरिबाला से भी संपर्क करने की कोशिश की। CBI के मुताबिक करीब 10.10 बजे गिरिबाला ने रेखा रानी का फोन उठाया। रेखा ने उन्हें बताया कि ट्विशा बहुत रो रही हैं। रेखा रानी से बातचीत के कुछ मिनट बाद रात 10.16 बजे CCTV में गिरिबाला अपने कमरे से निकलकर ट्विशा को देखने जाती दिखाई दीं। वह ग्राउंड फ्लोर पर ट्विशा को तलाशती हैं, लेकिन वहां वह नहीं मिलीं। इसके बाद करीब 10.18 बजे गिरिबाला ने ट्विशा के मोबाइल पर फोन किया। कोई जवाब नहीं मिला। करीब पांच मिनट बाद CCTV में समर्थ और उसकी मां को छत की तरफ जाते देखा गया। वहां ट्विशा जिम्नास्टिक बेल्ट से लटकी मिलीं। इसके बाद समर्थ उन्हें AIIMS भोपाल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत को लेकर परिवार के आरोप
ट्विशा की मौत के बाद उनके परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार का कहना रहा कि उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और दहेज को लेकर दबाव बनाया गया। परिवार ने मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया। इसी विवाद और शुरुआती जांच को लेकर उठे सवालों के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की थी और सुप्रीम कोर्ट ने भी CBI को जांच संभालने का निर्देश दिया था। CBI ने अब अपनी जांच के आधार पर समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है। गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश हैं। दोनों के खिलाफ दहेज से जुड़ी मौत, पति या रिश्तेदार द्वारा क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए हैं।
मेडिकल बोर्ड ने क्या कहा?
मौत के कारण को लेकर भी जांच में अहम जानकारी सामने आई है। CBI चार्जशीट के अनुसार पोस्टमार्टम और बाद में AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड की राय में मौत का कारण फांसी से दम घुटना था। मेडिकल बोर्ड ने इसे आत्महत्या माना। रिपोर्ट के मुताबिक शरीर पर ऐसी कोई महत्वपूर्ण चोट नहीं मिली, जिससे मौत से पहले मारपीट या संघर्ष का संकेत मिले। हालांकि यह मेडिकल निष्कर्ष यह तय नहीं करता कि ट्विशा को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था या नहीं। इसी पहलू को लेकर CBI ने कॉल रिकॉर्ड, संदेश, CCTV और परिवार के बयानों समेत कई साक्ष्यों को अपनी जांच का हिस्सा बनाया है।

