PM Modi to Launch 75 Modern Stations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई यानी आज हरियाणा और पंजाब के दौरे पर पहुंच रहे हैं। अपने कार्यक्रम की शुरुआत पीएम मोदी जींद और सोनीपत के बीच पहली हाइड्रोजन से चलने वाली रेलगाड़ी को झंडी दिखाकर करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री एकलव्य स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में करीब 14700 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। हरियाणा के बाद पीएम चंडीगढ़ जाएंगे और वहां से पंजाब के जालंधर जाएंगे। जालंधर से प्रधानमंत्री देश के 75 अमृत भारत स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। ये स्टेशन देशभर के 20 राज्यों में बनाए गए हैं।
क्या है अमृत भारत स्टेशन स्कीम?
अमृत भारत स्टेशन स्कीम भारतीय रेलवे की एक लॉन्ग टर्म रीडेवलपमेंट प्लान है, जिससे रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस योजना के तहत सभी स्टेशनों को एक बार में नहीं, बल्कि सिस्टमेटिक तरीके से डेवलप किया जा रहा है। इसमें स्टेशन भवनों का आधुनिकीकरण, यात्री सुविधाओं में सुधार, बेहतर एंट्री-एग्जिट की व्यवस्था, प्लेटफॉर्म विकास और शहर के साथ स्टेशन का बेहतर इंटीग्रेशन शामिल है। इस योजना के तहत रेलवे स्टेशन केवल ट्रेन पकड़ने की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें शहर के सिटी सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है। स्टेशन परिसर में यात्रियों के लिए आरामदायक वातावरण, स्थानीय संस्कृति की झलक और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
एक स्टेशन के पुनर्विकास पर कितना खर्च?
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हर स्टेशन की जरूरत, यात्री संख्या और क्षेत्रीय महत्व के आधार पर अलग-अलग बजट तय किया गया है। छोटे स्टेशनों के विकास पर जहां कुछ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं बड़े और प्रमुख स्टेशनों के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये तक का निवेश किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर कानपुर के पनकी धाम रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर लगभग 25 करोड़ रुपये और जैसलमेर रेलवे स्टेशन के विकास पर करीब 140 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इंडियन रेलवे ने बड़े स्तर पर स्टेशन पुनर्विकास के लिए लगभग 25,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। अलग-अलग स्टेशनों के लिए लागत उनकी श्रेणी, यात्री क्षमता, जमीन की उपलब्धता और प्रस्तावित सुविधाओं के अनुसार तय की जाती है।
कितने स्टेशनों को विकसित करने का लक्ष्य?
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1309 रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक बनाया जा रहा है। योजना में बड़े शहरों के प्रमुख स्टेशनों के साथ-साथ छोटे शहरों और क्षेत्रीय महत्व वाले स्टेशनों को भी शामिल किया गया है। कई स्टेशनों के डिजाइन में स्थानीय संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को भी शामिल किया जा रहा है, जिससे स्टेशन उस शहर की पहचान को दर्शा सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना के तहत लगभग 1300 प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने की दिशा में इसे रेलवे के नए युग की शुरुआत बताया था।
यात्रियों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे?
अमृत भारत स्टेशनों के पुनर्विकास से यात्रियों के अनुभव में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। नए डिजाइन वाले स्टेशन में यात्रियों के लिए ज्यादा आरामदायक प्रतीक्षालय, साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था, आसान टिकटिंग सुविधा और बेहतर प्लेटफॉर्म कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इसके अलावा दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रियों को स्टेशन पर आने-जाने में कम परेशानी हो और भीड़ का बेहतर प्रबंधन हो सके, इसके लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट व्यवस्था डेवलप की जा रही है।
स्टेशनों में कौन-कौन सी आधुनिक सुविधाएं होंगी?
आधुनिक और आकर्षक स्टेशन भवन
विशाल और आरामदायक यात्री प्रतीक्षालय
रूफ प्लाजा और बेहतर कॉनकोर्स एरिया
लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा
दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप और लिफ्ट
डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और बेहतर सूचना प्रणाली
बेहतर पार्किंग और यातायात प्रबंधन
स्वच्छ और आधुनिक शौचालय
वन स्टेशन वन प्रोडक्ट (OSOP) स्टॉल
ऊर्जा बचाने वाली लाइटिंग और हरित सुविधाएं
भारतीय रेलवे को कैसे बदल रही है योजना?
अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे को केवल परिवहन नेटवर्क से आगे बढ़ाकर आधुनिक सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुराने और भीड़भाड़ वाले स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं वाले केंद्रों में बदलने से यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा और रेलवे की क्षमता भी बढ़ेगी। इस योजना से रेलवे स्टेशनों का शहरों के साथ बेहतर जुड़ाव होगा। नए स्टेशन डिजाइन में यात्री सुविधा, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल तकनीक और भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखा जा रहा है। इससे भारतीय रेलवे की छवि एक आधुनिक, सुविधाजनक और विश्वस्तरीय परिवहन प्रणाली के रूप में मजबूत होगी।


