PM Modi on Fragile Five Group: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से दिए अपने भाषण में फ्रेजाइल फाइव (Fragile Five) का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि एक समय भारत को दुनिया की Fragile Five अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन पिछले वर्षों में देश ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी ने भारत के पुराने आर्थिक हालात के संदर्भ में Fragile Five शब्द का इस्तेमाल किया है। प्रधानमंत्री पहले भी कह चुके हैं कि भारत उस दौर से बाहर निकल चुका है। प्रधानमंत्री कार्यालय के पुराने भाषणों में भी Fragile Five से निकलकर भारत के प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की बात कही गई है।
क्या होता है Fragile Five
फ्रेजाइल फाइव यानी ‘कमजोर पांच’ कोई आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय संस्था नहीं है। यह शब्द करीब 2013 में निवेश बैंक Morgan Stanley की एक रिपोर्ट के बाद चर्चा में आया था। उस समय भारत के साथ ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किये को इस समूह में रखा गया था। इन देशों को इसलिए फ्रेजाइल फाइव कहा गया, क्योंकि उनकी अर्थव्यवस्थाएं विदेशी पूंजी पर काफी निर्भर थीं और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव से उन पर दबाव बढ़ सकता था। कमजोर अर्थव्यवस्था की वजह से 5 देशों को फ्रेजाइल फाइव ग्रुप में रखा गया, जिनमें भारत भी शामिल था।
भारत को इस सूची में क्यों रखा गया था?
2013 के आसपास भारत की अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही थी। देश का चालू खाते का घाटा (Current Account Deficit) काफी ऊंचा था और विदेशी पूंजी के प्रवाह पर निर्भरता बढ़ गई थी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों में बदलाव की आशंका के कारण उभरते बाजारों से विदेशी निवेश निकलने लगा था। इसका असर भारत पर भी पड़ा और रुपये पर दबाव बढ़ा। उस समय महंगाई, कमजोर रुपया, ऊंचा चालू खाता घाटा और विदेशी निवेश पर निर्भरता जैसे मुद्दे निवेशकों की चिंता का कारण बने हुए थे। यही वजह थी कि भारत को उन उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया गया, जिन्हें वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों में ज्यादा जोखिम वाला माना जा रहा था। इसी वजह से भारत को फ्रेजाइल फाइव ग्रुप में शामिल किया गया था।
2013 से 2026 तक कितना बदला भारत?
पीएम मोदी ने अपने भाषण में इसी बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जिस भारत को कभी Fragile Five में गिना जाता था, वह अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2026 के स्वतंत्रता दिवस भाषण में उन्होंने पिछले 12 वर्षों की आर्थिक यात्रा को भारत की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया। भारत की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ा है और देश दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह मजबूत कर चुका है। प्रधानमंत्री पहले भी संसद और दूसरे मंचों से कह चुके हैं कि भारत Fragile Five के दौर से निकलकर दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।
Fragile Five का जिक्र क्यों अहम है?
पीएम मोदी के भाषण में Fragile Five का जिक्र सिर्फ पुराने आर्थिक आंकड़ों की याद नहीं था। इसके जरिए उन्होंने 2013 के भारत और 2026 के भारत के बीच अंतर बताने की कोशिश की। उनका संदेश था कि देश अब केवल आर्थिक चुनौतियों से निपटने वाला भारत नहीं है, बल्कि टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने इसी भाषण में भारत के बड़े लक्ष्यों की भी बात की और 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराया। देश को अब छोटे लक्ष्य नहीं बल्कि बड़े सपने और मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।
क्या Fragile Five आज भी कोई ग्रुप है?
फ्रेजाइल फाइव कोई मौजूदा आधिकारिक ग्रुप नहीं है। यह 2013 के आर्थिक माहौल में इस्तेमाल किया गया एक विश्लेषणात्मक शब्द था। इसलिए आज भारत को उस समूह में शामिल बताना वर्तमान स्थिति की आधिकारिक रैंकिंग नहीं, बल्कि उस समय की आर्थिक परिस्थितियों का संदर्भ है। यही कारण है कि पीएम मोदी ने 2026 में इस शब्द का इस्तेमाल भारत की आर्थिक यात्रा और बदलाव को समझाने के लिए किया। उनके भाषण का मुख्य संदेश यह था कि भारत ने पिछले वर्षों में कई आर्थिक चुनौतियों से आगे बढ़ते हुए अपनी वैश्विक स्थिति मजबूत की है


