सत्र शुरू होने से पहले टीएमसी के 20 बागी सांसदों के एनसीपीआई में विलय पर फैसला देंगे स्पीकर ओम बिरला
Parliament Monsoon Session, (आज समाज), नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो सकता है। सत्र के 13 अगस्त तक चलने की संभावना जताई गई। मानसून सत्र में सदन की 19 बैठकें हो सकती हैं। हालांकि दल बदल, नए गठबंधन, पार्टियों के विलय, सांसदों की नई बैठक व्यवस्था और बदले राजनीतिक समीकरणों के कारण यह सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है।
वहीं, स्पीकर ओम बिरला सत्र शुरू होने से पहले टीएमसी के 20 बागी सांसदों के एनसीपीआई में विलय पर फैसला देंगे। इसके अलावा विपक्ष सत्र के दौरान नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पेट्रोल-डीजल के दाम, महंगाई, बेरोजगारी से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान एसआईआर को लेकर भी विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़ा कर सकता है।
सत्र के दौरान कई अहम बिल पेश कर सकती है सरकार
मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। सरकार की प्राथमिकता 131वां संविधान संशोधन विधेयक हो सकता है। यह बिल महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा है। यह विधेयक पिछले सत्र में पारित नहीं हो सका था। इसके अतिरिक्त सरकार 130वां संविधान संशोधन विधेयक भी ला सकती है।
इस विधेयक में प्रस्ताव है कि यदि कोई मुख्यमंत्री, मंत्री या प्रधानमंत्री किसी गंभीर अपराध के मामले में लगातार 30 दिनों तक गिरफ्तारी या न्यायिक हिरासत में रहता है तो वह स्वत: अपने पद से हट जाएगा। संयुक्त संसदीय समिति इस विधेयक में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन सुझा सकती है।
वन नेशन, वन इलेक्शन विधेयक को पारित कराने की भी कोशिश
वन नेशन, वन इलेक्शन विधेयक को पारित कराने की कोशिश हो सकती है। इसके अलावा एफसीआरए संशोधन विधेयक, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, एंटी-डोपिंग विधेयक, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाले अध्यादेश को प्रतिस्थापित करने वाला विधेयक, वेतन संहिता के केंद्रीय नियम, कॉरपोरेट कानून और प्रतिभूति बाजार संहिता से जुड़े विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं।
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