गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ का करें जयघोष
Ganpati Visarjan, (आज समाज), नई दिल्ली: देशभर में गणपति उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज गणेश उत्सव का तीसरा दिन है। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश घर में विराजमान हुए थे। यह उत्सव 10 दिन तक चलता है। इस दौरान विधि पूर्वक पूजा करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते है। भगवान गणेश की पूजा करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। कष्टों से छुटकारा मिलता है, लेकिन क्या आप जानते है कि गणपति बप्पा का विसर्जन कब-कब किया जाता है।
वैसे तो मुख्य रूप से गणेश चतुर्थी के दसवें दिन गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाता हैं। इसे पारंपरिक तरीका माना जाता है। अगर आपने भी इस साल अपने घर में बप्पा की प्रतिमा स्थापित की है, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि अनंत चतुर्दशी से पहले भी बप्पा को विदाई दी जा सकती है। आइए जानते हैं कि अनंत चतुर्दशी से पहले किस-किस दिन पर बप्पा का विसर्जन किया जा सकता है।
इस दिन कर सकते है विसर्जन
हिंदू पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन पूजा-अर्चना के साथ गणेश जी की स्थापना की जाती है। अगर आप चाहें तो गणेश जी की पूजा के बाद उसी दिन उन्हें विदा कर सकते हैं। इसके अलावा डेढ़ दिन में, तीसरे दिन, पांचवें दिन और सातवें दिन भी बप्पा का विसर्जन कर सकते हैं। लेकिन इसे सही विधि-विधान और शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए।
गणपति विसर्जन की विधि
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करें।
- गणेश जी की मूर्ति के सामने दीप जलाएं।
- गणेश जी को पंचामृत से स्नान कराएं।
- मूर्ति को रोली, चंदन, अक्षत, और फूल अर्पित करें.
मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। - गणेश जी को लड्डू की पोटली देना शुभ होता है, ताकि वे खाली हाथ न जाएं।
- परिवार के साथ गणेश आरती करें।
- पूजा के बाद, मूर्ति को साफ कपड़े में लपेटकर सम्मानपूर्वक विसर्जन स्थल पर जाएं।
- आप चाहें तो नदी, तालाब, या घर पर पानी का टब में भी विसर्जन कर सकते हैं।
- गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ का जयघोष करते हुए मूर्ति को धीरे-धीरे जल में विसर्जित करें।
- घर में विसर्जन के बाद में उस मिट्टी को पौधों में डाल दें।
- विसर्जन कभी भी शाम यानी सूर्यास्त के बाद ना करें। सूर्यास्त के बाद गणेश विसर्जन को शुभ नहीं माना जाता है।
घर पर ऐसे करें गणेश विसर्जन
अगर आप घर पर ही गणेश विसर्जन करना चाहत हैं, तो इसके लिए टप लें और उसमें पानी भर लें। विसर्जन से पहले विधिपूर्वक गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करें। इसके बाद दूर्वा, मोदक, लाल फूल, लाल चन्दन, पान, सुपारी, धूप और दीप समेत आदि चीजें अर्पित करें।
अब आरती करें और बप्पा से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। इसके बाद गणेश जी से अपनी गलतियों की क्षमा मांगे। अब गणपति को विसर्जित करें। इसके बाद इस जल को कुछ दिन बाद तुलसी या किसी अन्य पौधे में अर्पित कर दें।
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