ISRO के दावों पर सवाल, क्या भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम दुनिया में सबसे महंगा? यूरोप के वैज्ञानिकों का दावा

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दुनियाभर में सबसे कम लागत में रॉकेट लॉन्च के भारत के दावे पर यूरोप के वैज्ञानिकों ने सवाल उठाए हैं। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की 2026 की एक स्टडी में पाया गया है कि भारत में प्रति-किलोग्राम लॉन्च की लागत अमेरिका की तुलना में चार गुना ज्यादा है।

दुनिया में सबसे कम लागत में रॉकेट लॉन्च करने के भारत के दावे पर यूरोप के वैज्ञानिकों ने सवाल उठाए हैं। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की 2026 की एक स्टडी में पाया गया है कि भारत में प्रति-किलोग्राम लॉन्च की लागत अमेरिका की तुलना में चार गुना ज्यादा है और असल में यह दुनिया में सबसे ज्यादा है। भारत की प्रति किलोग्राम पेलोड भेजने की औसत लागत लगभग 13,302 डॉलर प्रति किलोग्राम है, जबकि अमेरिका के लिए यह ऑकड़ा महज 3,225 डॉलर है।

इकोनॉमिक्स लेटर्स में छपा रिसर्च

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री एलेसिओ टेरजी और इटली की सबसे पुरानी टेक्निकल यूनिवर्सिटी, पोलिटेक्निको डि टोरिनो (ट्यूरिन) के फ्रांसेस्को निकोली का एक रिसर्च पेपर प्रतिष्ठित एल्सेवियर जर्नल ‘इकोनॉमिक्स लेटर्स’ में छपा है।

प्रति किलोग्राम 13 डॉलर

लेखकों ने 1960 से 2025 के बीच 6,740 से ज्यादा रॉकेट लॉन्च की जानकारी वाले एक नए डेटाबेस का इस्तेमाल किया। इसके आधार पर रिसर्चर्स ने पाया कि 2025 में भारत में ‘लो अर्थ ऑर्बिट’ (LEO) तक एक किलोग्राम पेलोड भेजने की औसत लागत लगभग 13,302 डॉलर प्रति किलोग्राम थी।

अमेरिका के मुकाबले लागत 4 गुना

स्टडी में शामिल प्रमुख अंतरिक्ष देशों में यह लागत सबसे ज्यादा थी। इसकी तुलना में, अमेरिका में यह लागत सबसे कम 3,225 डॉलर प्रति किलोग्राम थी। इसका मतलब है कि भारत में प्रति किलोग्राम लॉन्च की लागत अमेरिका के मुकाबले लगभग चार गुना ज्यादा थी।

इसरो के दावों को लगा झटका

यह नतीजा इसलिए चौंकाने वाला है, क्योंकि यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़े सबसे ज्यादा दोहराए जाने वाले दावों में से एक के ठीक उलट है। दशकों से ISRO को दुनिया भर में कम लागत वाली इंजीनियरिंग के एक मॉडल के तौर पर देखा जाता रहा है। पश्चिमी देशों की तुलना में बहुत कम खर्च पर मिशन लॉन्च करने से लेकर अंतरिक्ष मिशनों और रोजमर्रा के खर्चों के बीच आम तुलनाओं तक, ‘कम खर्च में ज्यादा हासिल करने वाले भारत’ की छवि लोगों के मन में गहराई से बस गई है।