Homeमनोरंजनअकबर-बीरबल : कुएं का पानी Well Water

अकबर-बीरबल : कुएं का पानी Well Water

आज समाज डिजिटल, अम्बाला।
Well Water : एक किसान परेशान था। उसे खेतों को सींचने के लिए पानी की जरूरत थी। इसलिए, वह कई दिनों से जमीन के आसपास कुएं की तलाश कर रहा था। अचानक उसे एक कुआं दिखा। यह कुआं उसके खेतों से नजदीक ही था। इसलिए किसान बहुत खुश हुआ। उसने सोचा कि अब उसकी परेशानी खत्म हो गई और घर चला गया। अगले दिन वह पानी लेने कुएं पर पहुंचा। जैसे ही उसने कुएं के नजदीक रखी बाल्टी कुएं में डाली, वहां एक आदमी आ धमका। वह किसान से बोला कि यह कुआं मेरा है। तुम इससे पानी नहीं ले सकते। अगर तुम इस कुएं से पानी लेना चाहते हो, तो तुम्हें इस कुएं को खरीदना होगा।

Read Also : कालाष्टमी 23 अप्रैल को Kalashtami On 23rd April

Read Also : मंदिरों के करें दर्शन से मिलता है शांति और सुकून Get Peace And Relaxation

दोनों के बीच एक रकम तय हुई

यह बात सुनकर किसान कुछ देर रुका और फिर मन ही मन सोचने लगा कि अगर मैं इस कुएं को खरीद लूं, तो मुझे कभी पानी की कमी नहीं होगी और न ही मुझे पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ेगा। फिर क्या था, दोनों के बीच एक रकम तय हुई। किसान के पास उतने पैसे तो थे नहीं, लेकिन वह यह मौका छोड़ना नहीं चाहता था। इसलिए, किसान ने उस आदमी को अगले दिन वह रकम देने का वादा किया और घर की ओर चल दिया। किसान के लिए कुआं खरीदने का यह अच्छा मौका था। इसलिए, वह इस काम में जरा भी देर नहीं करना चाहता था। घर पहुंचते ही उसने दोस्तों से बात की और कुएं के लिए तय हुई रकम का इंतजाम करने में जुट गया। भागदौड़ के बाद आखिरकार उसने वह रकम जमा कर ली। अब वह पूरी तरह से निश्चिंत हो चुका था कि उसे कुआं खरीदने से कोई नहीं रोक सकता।

Read Also : गुरुवार व्रत रखने से घर में रहती है सुख-समृद्धि Keeping Thursday Fast

Read Also : अक्षय तृतीया: शुभ मुहूर्त और शुभ कार्य Good Luck And Good Work

मैंने कुआं बेचा है, पानी अभी भी मेरा है

जमा हुए पैसों को लेकर वह फिर घर चल दिया। उसे बड़ी बेसब्री से इंतजार था कि कब रात खत्म होगी और वह कुआं खरीदने जाएगा। इसी सोच में वह पूरी रात सो नहीं सका। अगले दिन सुबह होते ही वह कुआं खरीदने निकल पड़ा। उस आदमी के घर पहुंच किसान ने उसके हाथ पर पैसे रखे और कुएं को खरीद लिया। अब तो कुआं किसान का हो गया था तो फिर उसने पानी निकालने में देर नहीं की। जैसे ही किसान ने कुएं से पानी निकालने के लिए बाल्टी उठाई, उस आदमी ने फिर बोला ठहरो, तुम इस कुएं से पानी नहीं निकाल सकते हो। मैंने तुम्हें कुआं बेचा है, कुएं का पानी अभी भी मेरा है। किसान मायूस हो गया और न्याय के लिए राजा के दरबार में शिकायत करने पहुंच गया।

 Well Water

Read Also : हनुमान जी ने भक्तों से जुड़ा शनिदेव ने दिया था वचन Hanuman Ji With Shani Dev

समस्या को सुलझाने में वह नाकाम हो गए

मालूम है उस राजा का नाम क्या था? राजा अकबर। राजा अकबर ने उस किसान की पूरी कहानी सुनी और फिर उस आदमी को दरबार में बुलाया कि जिसने वह कुआं बेचा था। राजा का फरमान सुनते ही वह आदमी भागा-भागा दरबार में हाजिर हो गया। राजा ने उससे पूछा, जब तुमने इस किसान को अपना कुआं बेच दिया, तो फिर इसे पानी क्यों नहीं लेने दे रहे हो। आदमी बोला कि महाराज मैंने इसे केवल कुआं बेचा था, पानी नहीं। यह बात सुनकर राजा भी सोच में पड़ गए। उन्होंने कहा कि बात तो यह पते की कह रहा है, कुआं बेचा है, पानी तो नहीं। काफी देर सोचने के बाद जब इस समस्या को सुलझाने में वह नाकाम हो गए, तो उन्होंने बीरबल को बुलाया।

Read Also : महादेव की आराधना से मिलता है मोक्ष Worship Of Mahadev Gives Salvation

Read Also : हनुमान जी ने भक्तों से जुड़ा शनिदेव ने दिया था वचन Hanuman Ji With Shani Dev

बीरबल ने दोनों से समस्या पूछी

बीरबल बहुत ही बुद्धिमान था। इसलिए, राजा अकबर किसी भी मामले पर फैसला लेने से पहले उसकी राय जरूर लेते थे। बीरबल ने एक बार फिर दोनों से उनकी समस्या पूछी। पूरी बात जानने के बाद बीरबल ने उस आदमी से कहा ठीक है, तुमने कुआं बेचा पानी नहीं। फिर तुम्हारा पानी किसान के कुएं में क्या कर रहा है? कुआं तुम्हारा नहीं है, फौरन अपने पानी को कुएं से बाहर निकालो। आदमी को समझ आ गया कि अब उसकी चालाकी नहीं चलेगी। उसने राजा से फौरन माफी मांगी और माना कि कुएं के साथ उसके पानी पर भी किसान का पूरा अधिकार है। यह देखकर राजा अकबर ने बीरबल की बुद्धिमानी की तारीफ की और कुआं बेचने वाले आदमी पर धोखेबाजी के लिए जुर्माना लगाया।

शिक्षा : धोखा देने की आदत से भी दूर रहना चाहिए ऐसे भी हो सकता है कि वह आपसे भी अधिक बुद्धिमान हो। जैसे कहानी में कुआं बेचने वाले आदमी को करना पड़ा।

Read Also : 10 Largest Hanuman Statues भारत में यहां है 10 सबसे विशालकाय बजरंगबली की प्रतिमाएं

Also: पूर्वजो की आत्मा की शांति के लिए फल्गू तीर्थ Falgu Tirtha For Peace Of Souls Of Ancestors

Read Also : हरिद्वार पर माता मनसा देवी के दर्शन न किए तो यात्रा अधूरी If You Dont see Mata Mansa Devi at Haridwar 

Connect With Us: Twitter Facebook

SHARE
RELATED ARTICLES

Most Popular