US-Iran War: अमेरिका के अटैक से ईरान में पानी की किल्लत, IRGC ने कुवैत में डिसैलिनेशन प्लांट को बनाया निशाना

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US-Iran War Latest Updates: अमेरिका और ईरान के बीच भीषण युद्ध जारी है। हालिया अमेरिकी हवाई हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के 20 गांवों में करीब 10 हजार लोगों की पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। जवाबी कार्रवाई में ईरान की IRGC ने कुवैत के वॉटर डिसैलिनेशन प्लांट और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। बढ़ते तनाव के बीच कुवैत में उड़ानें प्रभावित हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को लेकर चिंता जताई है।
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अमेरिका और ईरान के बीच भीषण युद्ध जारी है।

US-Iran War Updates: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका असर आम नागरिकों के जीवन पर भी पड़ने लगा है। बीती रात अमेरिका ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिका के हमलों से दक्षिणी ईरान में हजारों लोगों की जलापूर्ति बाधित हो गई है, जबकि कुवैत में एक बिजली और डिसैलिनेशन प्लांट में भी आग लगने की खबर है। इससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिकी हमले के बाद ईरान में पानी का संकट

अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की राष्ट्रीय जल कंपनी का कहना है कि अमेरिकी हवाई हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के लगभग 20 गांवों के करीब 10000 लोगों की पानी की सप्लाई बाधित हो गई है। जलापूर्ति से जुड़ा बुनियादी ढांचा प्रभावित होने के कारण लोगों को पीने के पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश कर रहा है।

IRGC ने कुवैत के डिसैलिनेशन प्लांट पर दागीं मिसाइल

ईरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने कुवैत के अल-अहमदी बंदरगाह स्थित अमेरिकी सैन्य ईंधन सुविधा और उससे जुड़े ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसके बाद कुवैत के एक बिजली और वॉटर डिसैलिनेशन प्लांट में आग लग गई। कुवैती अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। डिसैलिनेशन प्लांट खाड़ी देशों में पीने के पानी का प्रमुख स्रोत होते हैं, क्योंकि यहां समुद्र के पानी को शुद्ध करके उपयोग योग्य बनाया जाता है। अगर ये प्लांट तबाह हो गए, तो मिडिल ईस्ट में पीने के पानी का संकट पैदा हो जाएगा।

ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा

IRGC ने यह भी दावा किया है कि उसने बहरीन के शेख ईसा एयर बेस में स्थित अमेरिकी सैन्य सुविधाओं और अन्य अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। ईरान ने चेतावनी दी है कि जिन देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं, उन्हें आगे भी जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। बढ़ते खतरे को देखते हुए कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए उड़ानों का संचालन रोक दिया गया। कुवैत एयरवेज ने यात्रियों से अपनी उड़ानों की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

हॉर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट

ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुआ और उनमें आग लग गई। बताया जा रहा है कि जहाज बारूदी सुरंग वाले क्षेत्र से गुजर रहे थे। इस घटना से वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों को अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है।

अमेरिका ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को मध्य पूर्व की यात्रा पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति तेजी से बदल रही है और कई देशों में खतरा बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष का असर अब केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है। जलापूर्ति, हवाई सेवाएं, ऊर्जा संयंत्र और समुद्री व्यापार भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है किअगर दोनों देशों के बीच तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो इसका असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा, वैश्विक तेल बाजार और आम लोगों की दैनिक जिंदगी पर बुरी तरह पड़ सकता है।