
Monsoon Refrigerator Settings: मानसून के मौसम के साथ ही देश के कई हिस्सों में तापमान तो कम हो गया है, लेकिन नमी (ह्यूमिडिटी) का स्तर काफी बढ़ गया है। मौसम में इस बदलाव के कारण अक्सर लोग सोचते हैं कि क्या उन्हें गर्मियों वाली फ्रिज सेटिंग ही इस्तेमाल करनी चाहिए या बेहतर परफॉर्मेंस और बिजली की बचत के लिए तापमान में बदलाव करना चाहिए। यहाँ बताया गया है कि खाने को ताज़ा रखने और बिजली की अनावश्यक खपत को कम करने के लिए एक्सपर्ट्स क्या सलाह देते हैं।
बारिश के मौसम के लिए फ्रिज की सबसे अच्छी सेटिंग
अप्लायंस एक्सपर्ट्स के अनुसार, मानसून के दौरान फ्रिज को आमतौर पर मध्यम कूलिंग लेवल पर सेट करना चाहिए अगर आपके फ्रिज में 1–5 का टेम्परेचर डायल है, तो इसे 3 या 4 पर सेट करना सबसे अच्छा माना जाता है।
अगर आपके मॉडल में 1–7 का कंट्रोल है, तो इसे 4 और 5 के बीच रखने की सलाह दी जाती है।
ये सेटिंग्स खाने को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त कूलिंग देती हैं और कंप्रेसर पर ज़रूरत से ज़्यादा दबाव नहीं डालतीं, जिससे बिजली की बचत होती है।
बार-बार दरवाज़ा खोलने से बचें
बारिश के मौसम में, हर बार दरवाज़ा खोलने पर फ्रिज के अंदर आसानी से नमी जा सकती है। इससे अजीब गंध आ सकती है, नमी जमा हो सकती है और फफूंद (मोल्ड) भी लग सकती है। लगातार कूलिंग बनाए रखने के लिए, फ्रिज का दरवाज़ा तभी खोलें जब ज़रूरत हो और इसे लंबे समय तक खुला न छोड़ें।
एक्सपर्ट्स गर्म खाने को सीधे फ्रिज में न रखने की भी सलाह देते हैं। पके हुए खाने को फ्रिज में रखने से पहले कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें, ताकि अप्लायंस पर दबाव कम पड़े और अंदर का तापमान स्थिर रहे।
फ्रिज को ज़रूरत से ज़्यादा न भरें
फ्रिज को बहुत ज़्यादा भरने से ठंडी हवा का सर्कुलेशन रुक सकता है, जिससे कूलिंग कम असरदार हो जाती है और कंप्रेसर को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
खाने की चीज़ों के बीच पर्याप्त जगह छोड़ने से हवा आसानी से घूम पाती है, जिससे पूरे फ्रिज में एक जैसी कूलिंग बनी रहती है। फ्रिज के दरवाज़े की गैस्केट (रबर सील) की नियमित रूप से जांच करना भी ज़रूरी है। अगर सील ढीली या खराब हो जाती है, तो ठंडी हवा बाहर निकल सकती है, जिससे फ्रिज ज़्यादा बिजली की खपत करता है और कूलिंग क्षमता कम हो जाती है।
छोटे-छोटे बदलाव, बेहतर परफॉर्मेंस
फ्रिज की सेटिंग में मौसम के हिसाब से छोटे-छोटे बदलाव करने से खाना बेहतर तरीके से सुरक्षित रहता है, बिजली की अनावश्यक खपत कम होती है और मानसून के दौरान आपका फ्रिज ज़्यादा कुशलता से काम करता है।

