चंबा. हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा को लेकर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक पिछले 48 घंटे में दो श्रद्धालु की मौत हो गई है. 56 साल के मनमोहन लाल सोमवार शाम अपने चार दोस्तों के साथ हेली टैक्सी से यात्रा पर पहुंचे थे. उनकी डल झील के पास अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि मृतक श्रद्धालु हरियाणा के अंबाला के निवासी थे.
चंबा के एसपी विजय सकलानी ने इस मामले पर बात करते हुए जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि मनमोहन लाल अपने चार दोस्तों के साथ हेली टैक्सी से भरमौर से गौरीकुंड पहुंचे थे. इसके बाद की यात्रा उन्होंने पैदल डल झील तक तय की. रात में कैलाश पर्वत के दर्शन करने के बाद पांचों दोस्त टेंट में आराम करने चले गए. जब रात में अपनी टेंट में मनमोहन लाल आराम कर रहे थे तो इसी दौरान उनको अचानक सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई. देखते ही देखते उनकी हालत हद से ज्यादा बिगड़ गई. दोस्तों ने उनको पास से स्वास्थ्य शिविर तक ले जाने का इंतजाम किया. इससे पहले की वो पहुंच पाते उनकी मौत हो गई.
एसपी की तरफ से मनमोहन लाल को लेकर जो जानकारी दी गई है उसमें प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक बताया जा रहा है. ऐसी बातें भी सामने आ रही है कि मनमोहन लाल को पहले से स्टेंट पड़ा हुआ था. एनडीआरएफ की टीम ने शव को भरमौर पहुंचाया. पुलिस ने नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाया. परिजनों को इसकी जानकारी पहले ही दी जा चुकी थी. उनकी सहमति लेने के बाद ही पुलिस ने शव मनमोहन लाल के साथ आए दोस्तों को सौंप दिया.
पहले भी हो चुकी है श्रद्धालु की मौत
आपको बता दें कि मनमोहन लाल से पहले भी मणिमहेश यात्रा के दौरान एक श्रद्धालु की मौत हो चुकी है. जानकारी के मुताबिक 18 अगस्त को दर्शन के लिए पहुंचे एक 24 साल श्रद्धालु की सुंदरासी में मौत हो गई थी. ऐसा माना जाता है कि मणिमहेश यात्रा उत्तर भारत की कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक है. हड़सर से डल झील तक करीब 13 किलोमीटर का रास्ता पहाड़ी पगडंडियों और नालों से होकर गुजरता है. ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन की कमी भी महसूस हो सकती है.


