Natural Calamity in Himachal Pradesh : हिमाचल प्रदेश में कुछ इन दिनों प्रकृति का कहर पूरा उफान पर है जिसमे कई लोगो ने अपनी जान गवा दि और कई लोग हो चुके है बेघर । लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के शुक्रवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश में कुल 60 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। किन्नौर जिले में बादल फटने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-05 (एनएच-05) भी बाधित हो गया है, जिससे आवागमन पर व्यापक असर पड़ा है।
कई लोगों की अब तक हो चुकी है मौत
मानसून सीजन की शुरुआत से अब तक राज्य में कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन का कहना है कि कई दूरदराज इलाकों से अभी रिपोर्ट आनी बाकी हैं। सभी रिपोर्ट मिलने के बाद ही वास्तविक नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा।
कुल्लू सबसे ज्यादा प्रभावित, कई प्रमुख मार्ग बंद
जिलावार स्थिति के अनुसार, कुल्लू सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 30 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा सिरमौर में 14, चंबा में 7, मंडी में 5, लाहौल-स्पीति में 2, ऊना में 2 और किन्नौर में 1 सड़क बंद है। किन्नौर के चोलिंग मिडिल स्कूल के पास बादल फटने से एनएच-05 अवरुद्ध हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। वहीं, लाहौल-स्पीति में अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से सरचू तक युमरंग के पास भी मार्ग बंद है।
बिजली और पेयजल आपूर्ति पर भी असर
भारी बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। मंडी जिले में सबसे अधिक 38 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा चंबा में 8, किन्नौर में 1 और लाहौल-स्पीति में 1 ट्रांसफार्मर बंद हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली संकट गहरा गया है। पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। विशेष रूप से चंबा जिले में 27 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं।
मकानों और गौशालाओं को भी नुकसान
क्षति के आंकड़ों के अनुसार, एक कच्चा मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया है, जबकि सात कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा दो गौशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए अब तक लगभग 44 लाख रुपए की अनुग्रह राशि स्वीकृत की है।
लोगो को दिए जा रहे है जरूरी दिशा निर्देश
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार बारिश को देखते हुए आने वाले दिनों में भी स्थिति गंभीर बनी रहने की आशंका जताई गई है। (इनपुट: आईएएनएस)


