
खराब मौसम के चलते 122 बिजली ट्रांसफार्मर और 22 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित, मंडी में सबसे ज्यादा बुरा हाल
Himachal Breaking News (आज समाज), शिमला : वर्तमान मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, मुसलाधार बारिश और भूस्खलन से लोगों की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यहां पर एक तरफ जहां भूस्खलन से सड़कें बाधित हो रही हैं। वहीं बादल फटने व बाढ़ आने से बिजली व पेयजल आपूर्ति भी लगातार बाधित हो रही है। जिससे सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है।
11 अगस्त से ज्यादा बुरा हाल 12 अगस्त को हुआ
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 11 अगस्त की शाम की स्थिति की तुलना में 12 अगस्त की सुबह तक बंद सड़कों और बिजली बाधित ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ी है। 11 अगस्त शाम को 204 सड़कें, 45 डीटीआर और 82 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं, जबकि 12 अगस्त सुबह क्रमश: 288 सड़कें, 112 डीटीआर और 55 पेयजल योजनाएं प्रभावित दर्ज की गईं।
इस जिले में सबसे ज्यादा हुआ नुकसान
जिलावार स्थिति में मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां कुल 117 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज की 45, थलौट की 45, पधर की 18, धर्मपुर की चार, जोगिंदरनगर की दो, सुंदरनगर की एक और मंडी-दो की एक सड़क शामिल है। जिले में 61 बिजली ट्रांसफार्मर और आठ पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं।
चंबा में 74 सड़कें बंद हैं। चंबा उपमंडल में 18, डलहौजी में चार, तीसा में 12, भरमौर में 14, सलूणी में आठ, पांगी में दो और भटियात में 16 सड़कें बंद हैं। जिले में 12 ट्रांसफार्मर और 16 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। कुल्लू में 56 सड़कें बंद हैं। इनमें बंजार की 20, कुल्लू की 12, आनी की 14 और निरमंड की 10 सड़कें शामिल हैं। बंजार में 34 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित बताए गए हैं।
शिमला और सिरमौर में हालात थोड़े सही
शिमला जिले में 14 सड़कें बंद हैं। इनमें ठियोग की एक, रामपुर की आठ, चौपाल की चार और सुन्नी की एक सड़क शामिल है। जिले में पांच ट्रांसफार्मर और 26 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। सिरमौर में 13 सड़कें बंद हैं। नाहन में तीन, पांवटा साहिब में दो, राजगढ़ में दो और संगड़ाह में छह सड़कें प्रभावित हैं। वहीं ऊना में चार सड़कें बंद हैं, जबकि हमीरपुर में पांच और कांगड़ा में पांच सड़कें बंद होने की सूचना है।

