Farmers Protest : संयुक्त किसान मोर्चा का धरना 241 वें दिन भी जारी, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की

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The Samyukt Kisan Morcha's sit-in protest continues on its 241st day, with protesters raising loud slogans against the government.
कस्बे की अनाज मंडी में धरनारत संयुक्त किसान मोर्चा पदाधिकारी।
  • युद्ध की बजाए कृषि सुधार पर ध्यान दे सरकार

Charkhi Dadri News(आज समाज नेटवर्क)बाढड़ा। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा वर्ष 2023 के बकाया मुआवजे को लेकर संचालित धरने ने आज 241 वां दिन पार कर लिया है। आंदोलनकारी किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि युद्ध के नाम पर महंगाई बढाकर गरीब लोगों के हितों से खिलवाड़ किया जा रहा है। आज विश्व की सभी सरकारों को युद्ध की बजाए कृषि व्यवस्था पर सुधार करने की आवश्यकता है।श्योराण खाप पच्चीस अध्यक्ष बिजेन्द्र सिंह बेरला ने कस्बे की अनाजमंडी में संयुक्त मोर्चा सदस्य ब्रह्मपाल बाढड़ा की अध्यक्षता में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए कहा कि आज किसान द्वारा उत्पादित फसलों के भावों के नाम पर लागत भी नहीं मिल रही है जबकी कारखानों में उत्पादित वाले पदार्थो का मनमाना भाव वसूल किया जा रहा है।

मौजूदा सरकार किसान व कृषि व्यवस्था को कमजोर कारपोरेट घरानों को बढावा दे रही है जो हमारी पीढी के लिए न्यायसंगत नहीं है

देश में पहली बार ऐसा हुआ है कि छह माह बाद भी किसानों की वाजिब मांग को नहीं मानकर सरकार मनमानी पर उतर आई है। बाढड़ा की भूमि ने पहले भी किसान मजदूर के हकों के लिए कई कुर्बानी दी हैं और भविष्य में भी सरकार ने हठ्धर्मिता नहीं छोड़ी तो सरकार से सीधी टक्कर लेकर किसी भी बड़े बलिदान से पीछे नहीं हटेंगे। वर्ष 2023 के रबी व खरीफ सीजन की फसलों के बीमा मुआवजे की जांच व भरपाई के लिए किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। राजकुमार हड़ौदी व मा. रघबीर काकड़ौली ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार किसान व कृषि व्यवस्था को कमजोर कारपोरेट घरानों को बढावा दे रही है जो हमारी पीढी के लिए न्यायसंगत नहीं है।

वर्ष 2023 के रबी व खरीफ सीजन की फसलों के बीमा मुआवजे की जांच व भरपाई के लिए किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे

आज किसान को डीएपी व यूरिया के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है वहीं करोड़ों रुपयों की राशी जमा करवाने के बावजूद उनके ट्यूबवैलों को कनैक्षन नहीं मिल रहा है। बकाया मुआवजे को लेकर क्षेत्र के किसान पिछले 237 दिनों से धरनारत हैं लेकिन दुर्भाग्य है कि सरकार उनकी मांग सुनने की बजाए अनदेखी कर रही है। लगातार प्राकृतिक आपदा के बाद अब किसानों की कमर टूट चुकी है और वह कर्ज के दल दल में फंस रहा है जिसके लिए सरकार को तत्काल प्रभाव से कदम उठाने की जरुरत है। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के नाम केवल दिखावा कर रही है। वर्ष 2023 के रबी व खरीफ सीजन की फसलों के बीमा मुआवजे की जांच व भरपाई के लिए किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।

आज के धरने पर किसान नेता राजकुमार हड़ौदी, किसान सभा खंड अध्यक्ष नसीब मोद, प्रताप सिंह हंसावास, प्रताप सिंह, पारस काकडौली, धर्मपाल पीटीआई व ब्रहमपाल बाढड़ा, युदवीर सिंह, ओमप्रकाश नंबरदार चरखी, महावीर सिंह, प्राचार्य हवा सिंह, नरेश कुमार कादयान, जयवीर नाधां, सतबीर पीटीआई, धर्मपाल बाढड़ा, ओमप्रकाश कारी दास, सीटू नेता सुमेर सिंह, श्रमिक नेता रोशन लाल धारणी, कामरेड रामपाल धारणी, मास्टर रघवीर सिंह, ब्रह्मपाल बाढडा, भूप सिंह धारणी, होशियार सिंह, सत्य प्रकाश जेवली, रणधीर सिंह, हवा सिंह, प्रताप सिंह, जोरा सिंह इत्यादि मौजूद रहे।