Homeहरियाणामहेंद्रगढ़राजकीय महाविद्यालय में मनाया राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस

राजकीय महाविद्यालय में मनाया राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस

नीरज कौशिक, महेंद्रगढ़:
राजकीय महाविद्यालय, महेंद्रगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना के अन्तर्गत ‘राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर पेड़ों की तलैया बनाई गई तथा इस मौके पर तीनों इकाइयों के प्रोग्राम ऑफिसर डॉक्टर सोमवीर सिवाच, डॉ. अशोक यादव तथा डॉ. पविता यादव के अतिरिक्त डॉ. रेनू यादव, डॉ. मुकेश यादव तथा डॉ. रविंदर आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर उप-प्राचार्य डॉ. लक्ष्मी नारायण ने पेड़ों के महत्व पर प्रकाश डाला तथा पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।

शिक्षा के साथ-साथ सेवा व स्वच्छता के मायने

National Service Scheme Foundation Day
National Service Scheme Foundation Day

स्वयंसेवकों ने बारिश के चलते पेड़ों के गड्ढे बनाकर उनमें पानी देने की व्यवस्था कर राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस की सार्थकता का महत्व प्रतिपादित करने का प्रयास किया। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सोमवीर सिवाच ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में जब छात्र-छात्राओं 15-20 वर्ष की आयु में शिक्षा ग्रहण करते हैं तो उन्हें शिक्षा के साथ-साथ सेवा व स्वच्छता के मायने भी सीखने चाहिए। क्योंकि विद्यार्थी जीवन की आयु में ही जो स्वयंसेवक सीखता है वह उसे जीवनपर्यंत काम आता है। अतः विद्यार्थी जीवन में प्रारंभ किया गया सेवा कार्य व स्वच्छता से संबंधित क्रियाएं उसके जीवन का अभिन्न अंग बन जाते हैं। विद्यार्थी को सुबह बिस्तर से उठने से विद्यालय या महाविद्यालय जाने तक सभी कार्य अपने स्वयं के हाथों से करने चाहिए। महाविद्यालय में आने पर जल का दुरूपयोग नहीं करना, कचरा या रद्दी को डस्टबिन में डालना, इधर-उधर नहीं थूकना, अपने शिक्षकों का आदर करना, आपस में सद्व्यवहार से रहना आदि को भी अपने जीवन में उतारना चाहिए।

24 सितंबर को मनाया जाता है राष्ट्रीय सेवा योजना

महाविद्यालय प्राचार्य मेजर एमआर लांबा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना देश के युवाओं में व्यक्तित्व विकास करने के लिए युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है। यह हर साल 24 सितंबर को मनाया जाता है। राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना 24 सितंबर, सन् 1969 ई. को की गई थी। इस संगठन की स्थापना की बात आजादी पूर्व से दिवगंत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समय से चल रही थी, जिसे अंतिम रूप 1969 ई. में दिया गया। इस दिन आयोजित गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थी, समाज के लोगों के साथ मिलकर समाज के हित के कार्य करते है। जैसे-साक्षरता संबंधी कार्य, पर्यावरण सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सफाई आपातकालीन या प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ित लोगों की सहायता आदि। उन्होंने एनएसएस इकाई के प्रभारियों तथा स्वयंसेवकों को एनएसएस डे पर बधाई दी।

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