Himachal Government Jobs News: हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में बताया है कि प्रदेश के अलग-अलग सरकारी विभागों में 1,07,466 पद खाली हैं। यह आंकड़ा सामने आने के बाद सरकारी भर्तियों का इंतजार कर रहे युवाओं की नजर अब आने वाली भर्ती प्रक्रियाओं पर है। हाईकोर्ट में सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विभागों में कुल 3,36,542 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 2,28,891 पदों पर कर्मचारी काम कर रहे हैं। अभी भी 1,07,466 पद खाली हैं। सरकार ने यह जानकारी अदालत में दाखिल किए गए शपथपत्र के माध्यम से दी है। इससे साफ है कि प्रदेश के सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की जरूरत है।
आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या बताई
सरकार ने अदालत को बताया कि फिलहाल 14,619 लोग आउटसोर्स माध्यम से सरकारी विभागों में काम कर रहे हैं। आउटसोर्स का मतलब है कि कर्मचारी को सीधे सरकारी नियमित कर्मचारी के रूप में नियुक्त करने के बजाय किसी एजेंसी या कंपनी के माध्यम से काम पर रखा जाता है। सरकार ने यह भी बताया कि 1 जनवरी 2023 से भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। सरकार के अनुसार, पिछले करीब साढ़े तीन साल में भर्ती नियमों के तहत सीधे 10,989 पद भरे गए हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग और हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से 12,004 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
स्टाफ नर्स भर्ती पर भी हाईकोर्ट सख्त
सरकारी खाली पदों का यह आंकड़ा एक ऐसी याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें आउटसोर्स भर्तियों का मामला चल रहा है। इसी दौरान 60 स्टाफ नर्सों की आउटसोर्स आधार पर भर्ती के लिए जारी टेंडर को लेकर भी हाईकोर्ट ने सवाल उठाए। अदालत ने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड देखने पर यह साफ नहीं हो रहा है कि दूसरी कंपनियों को किस ठोस और वैध आधार पर टेंडर प्रक्रिया से बाहर किया गया।
हाईकोर्ट ने कमेटी की बैठक की कार्यवाही का रिकॉर्ड भी देखा। अदालत के अनुसार रिकॉर्ड में ऐसा कोई स्पष्ट कारण नजर नहीं आया, जिससे यह पता चले कि दूसरी दावेदार कंपनियों को क्यों अयोग्य घोषित किया गया और एक विशेष कंपनी के पक्ष में फैसला क्यों किया गया। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार के वकील को टेंडर प्रक्रिया पर एक अतिरिक्त शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया है। इसमें सरकार को पूरी प्रक्रिया और फैसले का आधार स्पष्ट करना होगा। इसके बाद कोर्ट मामले की आगे सुनवाई करेगा।


