Sikkim Tunnel Collapse: सिक्किम में भूस्खलन से बड़ा हादसा ! निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 27 मजदूर, अब तक 7 की मौत

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Sikkim Tunnel Disaster: सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन NHPC तीस्ता प्रोजेक्ट की सुरंग में भूस्खलन होने से बड़ा हादसा हो गया। भूस्खलन के बाद सुरंग में जाने का रास्ता बंद हो गया और उसमें 27 मजदूर फंस गए। सुरंग के अंदर मीथेन गैस होने के कारण हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 20 लोग अब तक सुरंग में फंसे हुए है। NDRF, SDRF समेत कई एजेंसियां रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
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सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग में भूस्खलन होने से करीब 27 मजदूर फंस गए, जिनमें 7 की मौत हो चुकी है।

Sikkim Tunnel Collapse News: सिक्किम के नामची जिले में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग के अंदर अचानक भूस्खलन हो गया, जिससे सुरंग में आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। इससे सुरंग के अंदर काम कर रहे 27 मजदूर और कर्मचारी सुरंग में फंस गए। इस हादसे के बाद तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन सुरंग में मीथेन गैस होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी मुश्किल हो गया। एजेंसियों की तमाम कोशिशों के बावजूद अब तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 20 लोग अब भी सुरंग के भीतर फंसे हुए हैं। कई एजेंसियां लगातार बचाव अभियान चला रही हैं, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी परेशानियां आ रही हैं।

कब और कैसे हुआ यह हादसा?

जानकारी के मुताबिक यह हादसा सोमवार दोपहर करीब 3:09 बजे दक्षिण सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग क्षेत्र में हुआ। यहां NHPC की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के तहत सुरंग का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक भूस्खलन हो गया और सुरंग का रास्ता मलबे से बंद हो गया। इससे अंदर काम कर रहे 27 लोग फंस गए। प्रशासन के अनुसार हादसे में अब तक 7 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिंगतम जिला अस्पताल, एसटीएनएम अस्पताल गंगटोक और नामची जिला अस्पताल भेजा गया है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।

सुरंग के अंदर फंसे कई मजदूर

जिला प्रशासन के मुताबिक शुरुआत में करीब 19 मजदूरों के सुरंग में फंसे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद बचाव कार्य के लिए पटेल इंजीनियरिंग के तीन कर्मचारी सुरंग के अंदर गए, जिनमें से 2 भी बाहर नहीं लौट सके। वहीं NHPC के छह कर्मचारी भी सुरंग के भीतर मौजूद बताए जा रहे हैं। इस तरह फिलहाल करीब 27 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि वास्तविक संख्या बचाव दल के अंदर पहुंचने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF, SDRF, सिक्किम पुलिस और फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीमें मौके पर तैनात हैं।

मीथेन गैस बनी सबसे बड़ी चुनौती

बचाव अभियान के सामने सबसे बड़ी मुश्किल सुरंग के भीतर मौजूद मीथेन गैस है। अधिकारियों के अनुसार गैस का स्तर इतना अधिक है कि रेस्क्यू टीम अभी तक उन मजदूरों तक नहीं पहुंच पाई है जो अंदर फंसे हुए हैं। इसी वजह से बचाव कार्य बेहद सावधानी से किया जा रहा है। नामची की जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को बुलाया। शुरुआती चरण में फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और पुलिस के जवान बिना विशेष सुरक्षा उपकरणों के सुरंग के अंदर गए, लेकिन जहरीली गैस और खतरनाक माहौल के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। बाद में एनडीआरएफ की विशेष टीम ने मोर्चा संभाला और बचाव अभियान जारी रखा।

हादसे की वजह अभी साफ नहीं

प्रशासन ने बताया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सुरंग के अंदर भूस्खलन किस कारण हुआ। बाहर निकलने में सफल रहे कुछ मजदूरों ने बताया कि उन्होंने सुरंग के भीतर अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनी, जिसके बाद वे जान बचाकर बाहर भागे। इसी दौरान सुरंग का एक हिस्सा धंस गया और कई लोग अंदर ही फंस गए। जिला प्रशासन का कहना है कि इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरंग में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। बचाव अभियान लगातार जारी है और जैसे-जैसे रेस्क्यू टीम सुरंग के भीतर आगे बढ़ेगी, फंसे लोगों की वास्तविक स्थिति और संख्या के बारे में अधिक जानकारी सामने आ सकेगी।