
UpChunav Result 2026: बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात के उपचुनावों के नतीजे घोषित हो गए हैं। बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की है। प्रशांत किशोर ने बीजेपी का गढ़ मानी जाने वाली बांकीपुर पर जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। पीके ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को करीब 19 हजार वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया। गुजरात की मांजलपुर सीट पर बीजेपी ने अपना किला बचा लिया और शानदार जीत दर्ज की। मांजलपुर सीट पर बीजेपी कैंडिडेट सतेंद्रभाई पटेल ने 30630 वोटों से जीत दर्ज की। मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर काउंटिंग के आखिरी राउंड तक कांग्रेस और बीजेपी में कांटे की टक्कर दिखाई दी। कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को हरा दिया। बीजेपी के लिए दतिया और बांकीपुर की हार काफी मायने रखती है, क्योंकि दोनों ही जगहों पर पार्टी को बड़ी उम्मीदें थीं। दतिया में बीजेपी ने दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया था, लेकिन वे पार्टी की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सके।
बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने हासिल की जीत
बिहार की सबसे ज्यादा चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। यह चुनाव प्रशांत किशोर के लिए खास माना जा रहा था, क्योंकि यह उनकी सक्रिय चुनावी राजनीति में पहली बड़ी परीक्षा थी। शुरुआती रुझानों से ही उन्होंने बढ़त बनानी शुरू कर दी थी और मतगणना आगे बढ़ने के साथ यह अंतर बरकरार रहा। अंतिम दौर की गिनती में प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की, जबकि आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता मुकाबले में पीछे रहीं। बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी थी, लेकिन उपचुनाव में पीके खुद मैदान में उतरे और जीत हासिल कर रिकॉर्ड बना दिया। बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर की जीत को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। यह सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत क्षेत्र मानी जाती रही है, लेकिन अब यहां बीजेपी का दबदबा खत्म हो गया है।
दतिया सीट बचाने में कामयाब रही कांग्रेस
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर मतगणना के दौरान लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती राउंड में बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी बढ़त बनाए हुआ थे, लेकिन कुछ राउंड की काउंटिंग के बाद यहां मामला पूरी तरह बदल गया। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने वापसी करते हुए बीजेपी को कड़ी चुनौती दी और जीत हासिल करने में कामयाबी हासिल की। दतिया सीट को प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से बीजेपी के प्रभाव वाले इलाकों में शामिल रहा है। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2023 में भी यह सीट कांग्रेस ने ही जीती थी, लेकिन विधायक राजेंद्र भारती को एक आपराधिक मामले में 3 साल की सजा हो गई, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई और उपचुनाव हुए थे। बीजेपी ने इस सीट पर दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया था, लेकिन पार्टी को फिर भी हार का सामना करना पड़ा। राजनीति के जानकार बीजेपी की हार को पार्टी के भीतर असंतोष बता रहे हैं। एग्जिट पोल्स में भी इस सीट पर कांग्रेस को ही बढ़त दिख रही थी, जो रिजल्ट में सही साबित हुई।
मांजलपुर में BJP की शानदार जीत
गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी ने एक बार फिर अपना मजबूत जनाधार साबित किया है। बीजेपी उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल ने शानदार जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार भीखाभाई राबड़ी को बड़े अंतर से हराया। चुनाव परिणामों के अनुसार सतेंद्र पटेल ने करीब 30 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की। मांजलपुर सीट पर बीजेपी की जीत को पार्टी के संगठनात्मक प्रभाव और क्षेत्र में मजबूत पकड़ के रूप में देखा जा रहा है। इस परिणाम ने गुजरात में बीजेपी की राजनीतिक मजबूती को एक बार फिर सामने रखा है।
तीन सीटों के नतीजों से क्या संकेत?
बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत, दतिया में कांग्रेस की जीत और मांजलपुर में बीजेपी की मजबूती ने उपचुनावों को राजनीतिक रूप से बेहद अहम बना दिया है। इन नतीजों से साफ है कि क्षेत्रीय मुद्दे, उम्मीदवारों की छवि और स्थानीय समीकरण चुनावी परिणामों में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। आने वाले चुनावों में राजनीतिक दल इन परिणामों से रणनीति और चुनावी तैयारियों के लिए अहम सबक ले सकते हैं।

