Rahul Gandhi Old Statement on Hunger Strike: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज के इस्तेमाल की निंदा की है। सोशल प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए एक वीडियो में राहुल ने आरोप लगाया कि निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली के लिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के अब तक के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री रहे हैं। दिल्ली की सड़कों पर जो लड़के-लड़कियां घूम रहे हैं, वे अपराधी नहीं हैं। वे अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उनके अधिकार हैं – एक ऐसा शिक्षा सिस्टम जो उनका सम्मान करे, जो निष्पक्ष हो और जो सही ढंग से काम करे।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र जो कर रहे हैं, उसमें कुछ भी गलत नहीं है। सरकार और पुलिस जो कर रही है, वह शर्मनाक है। छात्रों पर आंसू गैस छोड़ना और लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक नहीं है। यह भारत का तरीका नहीं है और न ही यह काम करने का सही तरीका है। विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार पर खूब निशाना साध रहा है। इसी बीच राहुल गांधी का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो साल 2011 के अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान संसद में दिए गए उनके भाषण का बताया जा रहा है। यह क्लिप ऐसे समय दोबारा चर्चा में आई है, जब हाल के दिनों में राहुल गांधी ने सीजेपी के प्रोटेस्ट के समर्थन में बयान दिए हैं।
क्या है वायरल वीडियो?
वायरल वीडियो 25 अगस्त 2011 को संसद में राहुल गांधी के संबोधन का हिस्सा बताया जा रहा है। उस समय सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे जन लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे और पूरे देश में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन जोर पकड़ चुका था। अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा था, ” कानून बनाने के लिए सरकार पर दबाव डालने के लिए भूख हड़ताल करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक उदाहरण है।” अन्ना आंदोलन के दौरान राहुल ने संसद में खड़े होकर भूख हड़ताल को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया था। इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोग राहुल गांधी की भी खूब आलोचना कर रहे हैं।
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2011 का अन्ना आंदोलन क्या था?
साल 2011 में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने जन लोकपाल कानून की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन शुरू किया था। दिल्ली के रामलीला मैदान और जंतर-मंतर पर हुए इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला था। इस आंदोलन में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग उठी और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। बाद में संसद में लोकपाल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई और इस विषय पर आगे की विधायी प्रक्रिया शुरू हुई।
अब क्यों वायरल हो रहा पुराना वीडियो?
राहुल गांधी का यह पुराना बयान ऐसे समय फिर से सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है, जब उन्होंने हाल के दिनों में भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक का समर्थन किया है और केंद्र सरकार की आलोचना की है। इसी संदर्भ में कई सोशल मीडिया यूजर्स उनके 2011 के बयान और वर्तमान राजनीतिक रुख की तुलना कर रहे हैं। वायरल वीडियो कोई नया बयान नहीं है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार यह वर्ष 2011 में संसद में दिए गए उनके आधिकारिक भाषण का हिस्सा है। हालांकि राहुल गांधी के इस वीडियो को अलग-अलग दावों के साथ सोशल मीडिया पर खूब शेयर जा रहा है।


