Maharashtra Politics, मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को मंगलवार को उस समय एक और बड़ा झटका लगा जब पार्टी के एमएलसी सचिन अहीर उनका साथ छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल हो गए।
6 लोकसभा सांसद पहले ही छोड़ चुके हैं साथ
शिंदे गुट का दामन थामने के तुरंत बाद आदित्य ठाकरे के करीबी और मुंबई की राजनीति में प्रभावशाली नेता माने जाने वाले सचिन अहीर ने महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए महायुति के उम्मीदवार के तौर पर अपना पर्चा भी भर दिया। गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों ने हाल ही में शिंदे गुट का रुख कर लिया था, जो उद्धव गुट के लिए एक बड़ा झटका है।
उद्धव की रणनीति और ताकत पर उठने लगे सवाल
अब सचिन अहीर के पार्टी छोड़ने से उद्धव की रणनीति और संगठनात्मक ताकत पर सवाल उठने लगे हैं। सचिन, आदित्य ठाकरे के सबसे भरोसेमंद सहयोगी माने जाते रहे हैं और उनका शिंदे गुट में जाना इस वजह से भी अहम माना जा रहा है। शिंदे गुट का यह भी दावा है कि उद्धव खेमे के कई और विधायक भी आने वाले दिनों में पार्टी को अलविदा कह सकते हैं।
नए समीकरण बनने के कयास तेज
सचिन अहीर के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद महाराष्ट्र की सियासत में नए समीकरण बनने के कयास भी तेज हो गए हैं। शिवसेना (यूबीटी) की सहयोगी पार्टियां भी ताजा घटनाक्रम पर हैरान हैं। शिवसेना (यूबीटी) के नेता अमीन पटेल ने कहा है कि हाल ही में आयोजित महाविकास आघाड़ी की मीटिंग में वह सचिन अहीर के साथ बैठे थे और उन्हें सचिन के इस निर्णय की कोई सूचना नहीं थी।
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