नई दिल्ली. गणपति बप्पा के भक्तों को हर साल उनका इंतजार रहता है. इस बार का ये त्योहार हर बार से कहीं ज्यादा खास होने वाला है. आम तौर पर गणेश उत्सव 10 दिनों का होता है. इस बार गणेश जी अपने भक्तों के बीच दो दिन ज्यादा रहने वाले हैं. चंद्र कैलेंडर में तिथियों के बेहद खास संयोग बन रहा है. इस विशेष तिथियों के बने संयोग की वजह से गणपति बप्पा का आगमन 14 सितंबर को होगा. अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को पड़ेगी. इस हिसाब से गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक 12 दिनों का उत्सव रहने वाला है.
यह पहली बार नहीं है जब ऐसा संयोग बना है. इतने लंबे अंतराल पर होने वाला 12 दिनों का गणेशोत्सव दुर्लभ है. इससे पहले 2017 में इस तरह का संयोग बना था. आम तौर पर गणेशोत्सव 10 दिनों तक ही मनाया जाता है. चंद्र कैलेंडर की तिथियों और परिवारों की परंपराओं के मुताबिक आने वाली अवधि में अंतर हो सकता है.
14 सितंबर को होगी गणेश चतुर्थी
हिन्दू वैदिक पंचांग के मुताबिक इस साल की गणेश चतुर्थी सोमवार, 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी. इसके शुभ मुहूर्त की बात करें तो चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे शुरू होकर 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे खत्म होगी. उदया तिथि के मुताबिक इस बार गणेश चतुर्थी को 14 सितंबर को मनाया जाएगा. गणेश पूजा करने का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा. इस दौरान भक्त घरों और पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर प्राण प्रतिष्ठा और पूजा-अर्चना करेंगे.
गणेशोत्सव के दौरान ये प्रमुख तिथियां
गणेश उत्सव 2026 की मुख्य तिथियों की बात करें तो 14 सितंबर को चतुर्थी के साथ उत्सव शुरू हो जाएगा. 15 सितंबर को ऋषि पंचमी मनाई जाएगी जबकि 17 सितंबर को ज्येष्ठ गौरी आवाहन. वहीं 18 सितंबर को ज्येष्ठ गौरी पूजा और 19 सितंबर को ज्येष्ठ गौरी विसर्जन होगा. 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के साथ गणेशोत्सव के भव्य पूरा उत्सव का समापन हो जाएगा.


