अभिनेत्री रेखा की निजी जिंदगी में उनकी मां पुष्पावली की झलक दिखती है, जिन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ में बहुत कष्ट सहे थे. पुष्पावली 1930-40 के दशक की साउथ सिनेमा की सुपरस्टार थीं. एक ऐसी अभिनेत्री, जिसने पर्दे पर तो राज किया लेकिन असल जिंदगी में प्यार, धोखे और अकेलेपन के ऐसे गहरे जख्म सहे जो आज भी उनकी बेटी की जिंदगी में नजर आती है. आइए जानते हैं पुष्पावली की जिंदगी के वो अनसुने राज, जिससे बहुत लोग अनजान हैं.
कौन थीं पुष्पावली?
पुष्पावली का जन्म 3 जनवरी, 1926 को आंध्र प्रदेश के एक साधारण परिवार में हुआ था. अपनी खूबसूरती और शानदार अभिनय के दम पर उन्होंने बहुत ही छोटी उम्र में बाल कलाकार के रूप में सिनेमा की दुनिया में कदम रख दिया. 1930-40 का दशक आते-आते वो तेलुगु और तमिल सिनेमा का एक बहुत बड़ा नाम बन चुकी थी. लोग उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब रहते थे. लेकिन जब उनका करियर ऊंचाइयों पर था तभी उनकी निजी जिंदगी में उथल-पुथल शुरू हो गई.

मात्र 14 साल में हुई थी पुष्पावली की पहली शादी
साल 1940 में आई.वी. रंगाचारी नाम के एक वकील से पुष्पावली की पहली शादी हुई थी. उस समय वह मात्र 14 वर्ष की थीं. इस शादी के बाद पुष्पावली ने कई सपने पाले थे, सोचा था कि उनकी जिंदगी संवर जाएगी. लेकिन यह शादी बहुत जल्द ही टूट गई. इस पहली शादी से उनके दो बच्चे हुए. एक बेटा बाबूजी और एक बेटी रमा. पति से अलग होने के बाद बच्चों के पालन-पोषण की सारी जिम्मेदारी पुष्पावली पर आ गई.
फिल्मों में हो गईं सक्रिय
पहली शादी टूटने के बाद पुष्पावली फिर से फिल्मों में पूरी तरह सक्रिय हो गईं. पति से अलग होने के बाद फिल्मों की शूटिंग के दौरान पुष्पावली की मुलाकात तमिल सिनेमा के किंग ऑफ रोमांस कहे जाने वाले साउथ सुपरस्टार जेमिनी गणेशन से हुई. धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए. यह प्यार इतना गहरा था कि दोनों लंबे समय तक लिव इन रिलेशनशिप में रहे. लेकिन इस रिश्ते का सबसे बड़ा कड़वा सच यह था कि जेमिनी गणेशन पहले से शादीशुदा थे और अपनी पहली पत्नी को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे.
रेखा का हुआ जन्म
जेमिनी गणेशन ने पुष्पावली से कभी भी आधिकारिक रूप से शादी नहीं की. बिना शादी के रिश्ते से पुष्पावली ने दो बेटियों को जन्म दिया जिनमें से एक थी भानु रेखा, जिन्हें आज दुनिया रेखा के नाम से जानती है और दूसरी बेटी राधा. हालांकि जेमिनी गणेशन ने समाज के डर से अपनी बेटियों को खुलेआम अपना नाम नहीं दिया. इस वजह से पुष्पावली को समाज के ताने सुनने पड़े. बच्चों के जन्म के बाद इस रिश्ते को ज्यादा पहचान नहीं मिलने पर रेखा-गणेशन अलग हो गए.

पांच बच्चों की अकेले की परवरिश
पुष्पावली के तीन लोगों से संबंध रहे, जिनसे पांच बच्चे पैदा हुए. एक समय की मशहूर अभिनेत्री पुष्पावली ने अकेले
पांच बच्चों की परवरिश की. घर चलाने के लिए उनकी बेटी रेखा को कम उम्र में ही पढ़ाई छोड़कर फिल्मों में काम करना पड़ा. पुष्पावली ने साल 1991 में दुनिया को अलविदा कह दिया.


