शाम के समय ज्यादा फलदायी होती है शनि देव की पूजा
Shaniwar Hanuman Puja, (आज समाज), नई दिल्ली: सनातन धर्म में शनिवार के दिन का विशेष महत्व है। शनिवार के दिन भगवान शनि की पूजा का विधान है। इस दिन लोग शनि पूजन के साथ भगवान हनुमान की पूजा भी करते है। कहते हैं कि इससे शनि दोष से राहत मिलती है। ऐसे में अगर आप न्याय के देवता का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो शनिवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर, लड्डू और लाल चोला जरूर चढ़ाएं। फिर चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान जी के 108 नामों का जप करें।
हनुमान जी के 108 नाम
1. ॐ पूर्णवैराग्यसागराय नम:
2. ॐ पूर्णसत्वाय नम:
3. ॐ पूर्णानन्दाय नम:
4. ॐ वेदव्यासमतानुगाय नम:
5. ॐ द्वैतशास्त्रप्रणेत्रे नम:
6. ॐ साङ्ख्यशास्त्रस्य दूषकाय नम:
7. ॐ बौद्धागमविभेत्त्रे नम:
8. ॐ दुर्वादिगजसिंहस्य तर्कशास्त्रस्य खण्डनाय नम:
9. ॐ महामतये नम:
10. ॐ यतिरूपाय नम:
11. ॐ व्यासशिष्याय नम:
12. ॐ पूर्णबोधाय नम:
13. ॐ द्रौपदीप्राणवल्लभाय नम:
14. ॐ सौगन्धिकापहर्त्रे न
15. ॐ जरासन्धविमर्दनाय नम:
16. ॐ दुर्योधननिहन्त्रे नम:
17. ॐ कीचकमर्दनाय नम:
18. ॐ विराटनगरे गूढचराय नम:
19. ॐ बहुकान्तिमते नम:
20. ॐ पाञ्चाल्युद्वाहसञ्जातसम्मोदाय नम:
21. ॐ कुलालगृहमध्यगाय नम:
22. ॐ नित्यं भिक्षाहाररताय नम:
23. ॐ तद्ग्रामपरिरक्षकाय नम:
24. ॐ बलासुरवधोद्युक्ताय नम:
25. ॐ धनञ्जयसहायवते नम:
26. ॐ पाण्डुपुत्राय नम:
27. ॐ धमार्नुजाय नम:
28. ॐ हिडिम्बासुरमर्दनाय नम:
29. ॐ लाक्षागृहाद्विनिर्मुक्ताय नम:
30. ॐ भीमपराक्रमाय नम:
31. ॐ भीमाय नम:
32. ॐ कुन्तीगर्भसमुत्पन्नाय नम:
33. ॐ रामकार्यधुरन्धराय नम:
34. ॐ रामाभिषेकलोलाय नम:
35. ॐ भरतानन्दवर्धनाय नम:
36. ॐ लोहितास्याय नम:
37. ॐ रामपादसमीपस्थाय नम:
38. ॐ लक्ष्मणप्राणरक्षकाय नम:
39. ॐ कपीनां प्राणदात्रे नम:
40. ॐ सञ्जीवाचलभेदकाय नम:
41. ॐ रामवाहनरूपाय नम:
42. ॐ सर्वभूतभयापहाय नम:
43. ॐ महादर्पाय नम:
44. ॐ लोकनाथाय नम:
45. ॐ लोकरञ्जकाय नम:
46. ॐ सुरेशाय नम:
47. ॐ सर्वलोकेशाय नम:
48. ॐ बुद्धिमते नम:
49. ॐ शब्दशास्त्रविशारदाय नम:
50. ॐ महावेगाय नम:
51. ॐ मुख्यप्राणाय नम:
52. ॐ ज्ञानदोत्तमाय नम:
53. ॐ सर्वज्ञाय नम:
54. ॐ सर्वशास्त्रसुसम्पन्नाय नम:
55. ॐ कनकाङ्गदभूषणाय नम:
56. ॐ कौपीनकुण्डलधराय नम:
57. ॐ प्रियदर्शकाय नम:
58. ॐ श्रीवश्याय नम:
59. ॐ चूडामणिप्रदात्रे नम:
60. ॐ कपियूथप्ररञ्जकाय नम:
61. ॐ कपिराजाय नम:
62. ॐ तीर्णाब्धये नम:
63. ॐ लङ्कापुरविदाहकाय नम:
64. ॐ दशास्यसल्लापपराय नम:
65. ॐ अव्ययाय नम:
66. ॐ ब्रह्मास्त्रवशगाय नम:
67. ॐ दशकण्ठसुतघ्नाय नम:
68. ॐ पञ्चसेनाग्रमर्दनाय नम:
69. ॐ वीराय नम:
70. ॐ मन्त्रिपुत्रहराय नम:
71. ॐ अशोकवननाशकाय नम:
72. ॐ दिव्याय नम:
73. ॐ महारूपधराय नम:
74. ॐ सीताहर्षविवर्धनाय नम:
75. ॐ रामाङ्गुलिप्रदात्रे नम:
76. ॐ सीतामार्गणतत्पराय नम:
77. ॐ देवाय नम:
78. ॐ लङ्कामोक्षप्रदाय नम:
79. ॐ छायाग्रहनिवारकाय नम:
80. ॐ मैनाकगर्वभङ्गाय नम:
81. ॐ सिंहिकाप्राणनाशकाय नम:
82. ॐ सीताशोकविनाशिने नम:
83. ॐ श्रीरामकिङ्कराय नम:
84. ॐ पुण्याय नम:
85. ॐ वृक्षधराय नम:
86. ॐ ब्रह्मचारिणे नम:
87. ॐ महागुरवे नम:
88. ॐ पूर्णप्रज्ञाय नम:
89. ॐ महाभीमाय नम:
90. ॐ पूर्णप्रज्ञाय नम:
91. ॐ मुख्यप्राणाय नम:
92. ॐ ब्राह्मणप्रियाय नम:
93. ॐ ब्रह्मण्याय नम:
94. ॐ महारूपाय नम:
95. ॐ महासत्त्वाय नम:
96. ॐ वज्रप्रहारवते नम:
97. ॐ वज्रिणे नम:
98. ॐ महाकायाय नम:
99. ॐ सूर्यश्रेष्ठाय नम:
100. ॐ केसरीनन्दनाय नम:
101. ॐ सूरिणे नम:
102. ॐ हरिश्रेष्ठाय नम:
103. ॐ रामदूताय नम:
104. ॐ महाबलाय नम:
105. ॐ वायुसूनवे नम:
106. ॐ अञ्जनापुत्राय नम:
107. ॐ हनुमते नम:
108. ॐ महाहनवे नम:
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