US Iran War Ceasefire: अमेरिकी सेना ने होर्मुज में दो ईरानी ड्रोन गिराए, ईरान बोला- सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा अमेरिका

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US Iran War Ceasefire: अमेरिकी सेना ने होर्मुज में दो ईरानी ड्रोन गिराए, ईरान बोला- सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा अमेरिका
US Iran War Ceasefire: अमेरिकी सेना ने होर्मुज में दो ईरानी ड्रोन गिराए, ईरान बोला- सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा अमेरिका

अमेरिका का जवाब-जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे ड्रोन
US Iran War Ceasefire, (आज समाज), तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने आज होर्मुज में दो ईरानी ड्रोन मार गिराए हैं। सेना का कहना है कि ये ड्रोन वहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिकों ने शनिवार को यह कार्रवाई की। सेना ने कहा कि वह इलाके में किसी भी तरह के खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सेंट्रल इजराइल में आतंकी हमले में एक शख्स की मौत

वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया। ईरानी फॉरेन मिनिस्ट्री का कहना है कि अमेरिका तनाव कम करने के बजाय अपनी सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है। दूसरी तरफ सेंट्रल इजराइल में आज एक पेट्रोल पंप हुए आतंकी हमले में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हैं। मेडिकल अधिकारियों के अनुसार, इनमें एक की हालत गंभीर है।

अमेरिका को ईरान के अधिकारों को स्वीकार करना होगा

ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत में सबसे बड़ी परेशानी उसका बार-बार बदलता रुख है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी अधिकारी अलग-अलग बयान देते हैं, जिससे किसी समझौते तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से मैसेज का एक्सचेंज जारी है, लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है। बगाई ने कहा कि अमेरिका को ईरान के अधिकारों को स्वीकार करना होगा।

ईरान को शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम चलाने और यूरेनियम संवर्धन का अधिकार

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत ईरान को शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम चलाने और यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है। ईरान ने यह भी मांग दोहराई कि विदेशों के बैंकों में जमा उसके अरबों डॉलर के फंड पर लगी रोक हटाई जाए और यह पैसा ईरान को वापस दिया जाए। उनका कहना है कि अमेरिका राहत देने की बात तो करता है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाता।

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